रिजल्ट एनालिसिस (Result Analysis) का अर्थ है परिणामों के पीछे छिपे गणित को समझना, और इसके लिए चार्ट रीडिंग (Chart Reading) सबसे अनिवार्य कौशल है। एक अच्छा विश्लेषक हमेशा चार्ट में 'क्रॉस' (Cross) और 'लाइन' (Line) के पैटर्न को देखता है। रिजल्ट एनालिसिस (Result Analysis) की प्रक्रिया में यह पहचाना जाता है कि अंकों का प्रवाह (Flow of numbers) ऊपर की ओर जा रहा है या नीचे की ओर।
चार्ट रीडिंग (Chart Reading) करते समय आपको 'ओपन-टू-क्लोज' (Open-to-Close) के अंतर को बारीकी से देखना चाहिए। रिजल्ट एनालिसिस (Result Analysis) में यह देखा जाता है कि क्या ओपन अंक और क्लोज अंक के बीच कोई निश्चित योग (Sum) या गुणा (Multiplication) का संबंध बन रहा है। यदि यह संबंध लगातार तीन दिनों तक बना रहता है, तो इसे एक 'सक्रिय पैटर्न' (Active Pattern) माना जाता है।
सटीक रिजल्ट एनालिसिस (Result Analysis) के लिए केवल अंकों को देखना ही काफी नहीं है, बल्कि 'पैनल चार्ट' (Panel Chart) की संरचना को भी समझना होता है। चार्ट रीडिंग (Chart Reading) के दौरान यह देखें कि पैनल के अंकों का जोड़ (Total) किस सिंगल अंक को जन्म दे रहा है। यह गहराई से किया गया विश्लेषण (In-depth analysis) आपको आने वाली 'जोड़ी' का सटीक अनुमान लगाने में सक्षम बनाता है।
रिजल्ट एनालिसिस (Result Analysis) में 'मिसिंग नंबर्स' (Missing Numbers) की पहचान करना भी एक महत्वपूर्ण ट्रिक है। चार्ट रीडिंग (Chart Reading) करते समय जो अंक पिछले 15 दिनों से नहीं आए हैं, उन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अक्सर बाजार के संचालक (Operators) एक लंबे अंतराल के बाद उन अंकों को वापस लाते हैं, जिसे पकड़ना एक कुशल विश्लेषक का काम है।
अंततः, रिजल्ट एनालिसिस (Result Analysis) और चार्ट रीडिंग (Chart Reading) एक निरंतर चलने वाली सीखने की प्रक्रिया है। बाजार हर दिन नए चुनौतीपूर्ण पैटर्न पेश करता है। जो खिलाड़ी अपने विश्लेषण (Analysis) को लचीला रखते हैं और चार्ट के संकेतों (Signals) को सही ढंग से समझते हैं, वे जोखिम भरे समय में भी अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने और मुनाफा कमाने में सफल होते हैं।