0 like 0 dislike
186 views
in Education & Learning by (130 points)
भारतीय डाक विभाग (Department of Posts) में ग्रामीण डाक सेवक (GDS), जिसमें ब्रांच पोस्ट मास्टर (BPM) और असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर (ABPM) शामिल हैं, की भर्ती पूरी तरह से मेरिट आधारित होती है। इस भर्ती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा या साक्षात्कार (No Exam or Interview) नहीं होता है। चयन केवल उम्मीदवार के 10वीं कक्षा (High School) में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर किया जाता है।

मेरिट सूची (Merit List) तैयार करते समय, विभाग एक स्वचालित सॉफ्टवेयर (Automated Software) का उपयोग करता है जो आवेदकों के अंकों का तुलनात्मक विश्लेषण करता है। यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक आयु वाले उम्मीदवार को वरीयता (Preference) दी जाती है। कुछ राज्यों में ग्रेडिंग सिस्टम (Grading System) होने के कारण, ग्रेड पॉइंट्स को एक निश्चित गुणांक (Multiplication Factor) से गुणा करके प्रतिशत में बदला जाता है ताकि सभी के साथ न्याय हो सके।

उम्मीदवारों को आवेदन करते समय अपने क्षेत्र के विभिन्न डाकघरों (Post Offices) के लिए वरीयता (Post Preference) देनी होती है। यह सलाह दी जाती है कि अधिकतम विकल्पों का चयन करें ताकि चयन की संभावना (Probability of Selection) बढ़ सके। कभी-कभी बहुत अधिक अंक होने के बावजूद, गलत वरीयता चयन के कारण उम्मीदवार का नाम सूची में नहीं आ पाता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन (Online Portal) संचालित की जाती है।

चयन के बाद, उम्मीदवारों को मूल दस्तावेजों के सत्यापन (Original Document Verification) के लिए बुलाया जाता है। इसमें 10वीं की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, और कंप्यूटर ज्ञान का प्रमाण पत्र (Computer Certificate) अनिवार्य होता है। इसके अतिरिक्त, जीडीएस के पद के लिए साइकिल चलाना (Cycling) जानना एक अनिवार्य शर्त है। चयनित उम्मीदवार को अपनी नियुक्ति के स्थान पर ही रहने का शपथ पत्र भी देना होता है।

पोस्ट ऑफिस की यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन (Excellent Performance) किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं के विस्तार के साथ, जीडीएस के पदों की संख्या प्रतिवर्ष हजारों में होती है। हालांकि यह एक अंशकालिक (Part-time) सेवा मानी जाती है, लेकिन भविष्य में विभागीय परीक्षाओं (Departmental Exams) के माध्यम से नियमित कर्मचारी बनने के अवसर भी उपलब्ध होते हैं।

1 Answer

0 like 0 dislike
by (130 points)
भारतीय डाक विभाग (Department of Posts) में ग्रामीण डाक सेवक (GDS), जिसमें ब्रांच पोस्ट मास्टर (BPM) और असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर (ABPM) शामिल हैं, की भर्ती पूरी तरह से मेरिट आधारित होती है। इस भर्ती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा या साक्षात्कार (No Exam or Interview) नहीं होता है। चयन केवल उम्मीदवार के 10वीं कक्षा (High School) में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर किया जाता है।

मेरिट सूची (Merit List) तैयार करते समय, विभाग एक स्वचालित सॉफ्टवेयर (Automated Software) का उपयोग करता है जो आवेदकों के अंकों का तुलनात्मक विश्लेषण करता है। यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक आयु वाले उम्मीदवार को वरीयता (Preference) दी जाती है। कुछ राज्यों में ग्रेडिंग सिस्टम (Grading System) होने के कारण, ग्रेड पॉइंट्स को एक निश्चित गुणांक (Multiplication Factor) से गुणा करके प्रतिशत में बदला जाता है ताकि सभी के साथ न्याय हो सके।

उम्मीदवारों को आवेदन करते समय अपने क्षेत्र के विभिन्न डाकघरों (Post Offices) के लिए वरीयता (Post Preference) देनी होती है। यह सलाह दी जाती है कि अधिकतम विकल्पों का चयन करें ताकि चयन की संभावना (Probability of Selection) बढ़ सके। कभी-कभी बहुत अधिक अंक होने के बावजूद, गलत वरीयता चयन के कारण उम्मीदवार का नाम सूची में नहीं आ पाता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन (Online Portal) संचालित की जाती है।

चयन के बाद, उम्मीदवारों को मूल दस्तावेजों के सत्यापन (Original Document Verification) के लिए बुलाया जाता है। इसमें 10वीं की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, और कंप्यूटर ज्ञान का प्रमाण पत्र (Computer Certificate) अनिवार्य होता है। इसके अतिरिक्त, जीडीएस के पद के लिए साइकिल चलाना (Cycling) जानना एक अनिवार्य शर्त है। चयनित उम्मीदवार को अपनी नियुक्ति के स्थान पर ही रहने का शपथ पत्र भी देना होता है।

पोस्ट ऑफिस की यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन (Excellent Performance) किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं के विस्तार के साथ, जीडीएस के पदों की संख्या प्रतिवर्ष हजारों में होती है। हालांकि यह एक अंशकालिक (Part-time) सेवा मानी जाती है, लेकिन भविष्य में विभागीय परीक्षाओं (Departmental Exams) के माध्यम से नियमित कर्मचारी बनने के अवसर भी उपलब्ध होते हैं।
Welcome to DailyLifeQnA, get your simple everyday question–answer hub experts community. Find quick, reliable, and easy explanations to common life problems, tips, and doubts—all in one place.

Related questions

...