रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित ग्रुप डी (Group D) भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) आयोजित की जाती है। पुरुष उम्मीदवारों को 35 किलोग्राम वजन (35 kg Weight) उठाकर 100 मीटर की दूरी (100 Meters Distance) को 2 मिनट में तय करना होता है। इस परीक्षण के दौरान वजन को ज़मीन पर गिराना वर्जित है; यदि आप वजन नीचे रख देते हैं, तो आपको अयोग्य (Disqualified) घोषित कर दिया जाएगा। यह परीक्षण रेल की पटरियों पर भारी सामान ले जाने की क्षमता (Load Carrying Capacity) जांचने के लिए होता है।
वजन उठाने के बाद पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 मीटर यानी 1 किलोमीटर की दौड़ (1 km Run) पूरी करनी होती है। इस दौड़ के लिए 4 मिनट 15 सेकंड (4 Minutes 15 Seconds) का समय दिया जाता है और यह केवल एक ही अवसर (Single Chance) में पूरा करना होता है। रेलवे के ट्रैक मेंटेनर (Track Maintainer) जैसे पदों के लिए शारीरिक सहनशक्ति (Physical Endurance) का होना बहुत आवश्यक है। इन दोनों कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ही उम्मीदवार को अगले चरण के लिए विचार किया जाता है।
महिला उम्मीदवारों (Female Candidates) के लिए रेलवे ने शारीरिक मानकों में कुछ रियायत दी है। महिलाओं को 20 किलोग्राम वजन (20 kg Weight) उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में पूरी करनी होती है। साथ ही, उन्हें 1000 मीटर की दौड़ के लिए 5 मिनट 40 सेकंड (5 Minutes 40 Seconds) का समय मिलता है। यह परीक्षण पूरी तरह से कंप्यूटर चिप (Computer Chip) और सेंसर आधारित होता है, जिससे समय की गणना (Time Calculation) बिल्कुल सटीक होती है।
शारीरिक परीक्षण (Physical Test) केवल अर्हता प्राप्त (Qualifying) करने के लिए है, इसके अंक अंतिम मेरिट सूची (Final Merit List) में नहीं जोड़े जाते। हालांकि, लिखित परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बावजूद यदि आप इस चरण में असफल होते हैं, तो आपको नौकरी नहीं मिल सकती। विकलांग उम्मीदवारों (PwBD Candidates) को आमतौर पर इस शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट (Exemption) प्रदान की जाती है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे जूते पहनकर दौड़ने का अभ्यास (Practice) करें।
रेलवे बोर्ड (Railway Board) परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) का कड़ाई से पालन करता है। अभ्यर्थी को अपने साथ एडमिट कार्ड (Admit Card) और मूल आधार कार्ड (Original Aadhar Card) ले जाना अनिवार्य है। शारीरिक परीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की चोट (Injury) के लिए रेलवे जिम्मेदार नहीं होता है, इसलिए अपनी फिटनेस का पूरा ध्यान रखें। सफलता प्राप्त करने के बाद आपको दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) की प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया जाता है।