न्याय निगमन (Syllogism) तार्किक क्षमता का वह भाग है जहाँ कुछ कथन (Statements) दिए जाते हैं और उनके आधार पर निष्कर्ष (Conclusions) निकालने होते हैं। इन सवालों को हल करने का सबसे विश्वसनीय तरीका वेन आरेख (Venn Diagram) है। यदि कथन है "सभी आम फल हैं", तो 'आम' (Mango) का गोला 'फल' (Fruit) के गोले के अंदर बनेगा। यदि कहा जाए "कुछ फल मीठे हैं", तो फल और मीठे के गोलों के बीच एक साझा क्षेत्र (Overlapping Area) होगा। यह दृश्य प्रतिनिधित्व (Visual Representation) आपको तार्किक रूप से सोचने में मदद करता है।
निष्कर्षों की जांच करते समय केवल उन्हीं बातों को सही मानें जो कथनों से निश्चित रूप से (Definitely) सिद्ध होती हैं। संभावना (Possibility) वाले निष्कर्षों के लिए 'हो सकता है' (Can be) जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है। रेलवे (Railway Exam) और बैंक की परीक्षाओं में "केवल कुछ" (Only a few) वाले कठिन प्रश्न अधिक पूछे जा रहे हैं। पटवारी भर्ती (Patwari Recruitment) में सरल स्तर के वेन आरेख पूछे जाते हैं जहाँ आपको वर्गों (Classes) के बीच संबंध पहचानना होता है, जैसे 'भारत, राजस्थान और जयपुर' के बीच का संबंध।
नकारात्मक कथनों (Negative Statements) जैसे "कोई सेब संतरा नहीं है" को हल करते समय दोनों गोलों को अलग रखें और उनके बीच एक 'क्रॉस' (X) का चिन्ह लगा दें। इससे यह स्पष्ट रहता है कि इन दोनों के बीच कोई संबंध नहीं हो सकता। आंगनवाड़ी (Anganwadi) परीक्षाओं में अक्सर दो कथनों वाले सरल प्रश्न आते हैं। यदि निष्कर्ष में 'सभी' (All) लिखा है, तो वह तभी सही होगा जब वह चित्र में पूरी तरह समाहित हो। 'कुछ' (Some) वाले निष्कर्षों के लिए केवल थोड़ा सा साझा क्षेत्र होना पर्याप्त है।
'या तो - या' (Either - Or) की स्थिति तब बनती है जब दो निष्कर्षों के बीच विरोधाभास हो और दोनों स्वतंत्र रूप से गलत हों लेकिन एक साथ होने की संभावना रखते हों। इसके लिए तत्वों (Elements) का समान होना और एक का सकारात्मक (Positive) व दूसरे का नकारात्मक (Negative) होना जरूरी है। सेना भर्ती (Army Bharti) में तार्किक स्थिरता (Logical Consistency) की जांच के लिए ये प्रश्न महत्वपूर्ण होते हैं। कथनों को हमेशा सत्य मानें, चाहे वे वास्तविक जीवन के तथ्यों (Facts) से अलग ही क्यों न लगें।
अभ्यास के दौरान तीन या चार कथनों वाले जटिल प्रश्नों को हल करें। वेन आरेख (Venn Diagram) बनाने में सफाई रखें ताकि कोई भ्रम न हो। डाक विभाग (Post Office Exam) की परीक्षाओं में वर्गीकरण (Classification) और न्याय निगमन के प्रश्न आपकी निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making) को दर्शाते हैं। यदि आप मूल सिद्धांतों (Basic Principles) को समझ लेते हैं, तो आप बिना किसी सूत्र के भी कठिन से कठिन निष्कर्ष (Inference) निकाल सकते हैं। नियमित रिविजन (Regular Revision) ही आपकी सफलता का आधार है।