मुगल साम्राज्य (Mughal Empire) ने भारत के प्रशासनिक ढांचे (Administrative Structure) में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए, जिनका प्रभाव लंबे समय तक रहा। सम्राट अकबर (Emperor Akbar) ने सैन्य और नागरिक प्रशासन को व्यवस्थित करने के लिए मनसबदारी प्रथा (Mansabdari System) की शुरुआत की थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक अधिकारी को एक मनसब (Rank) दिया जाता था, जो उसकी स्थिति और वेतन (Salary) को निर्धारित करता था। पटवारी परीक्षा (Patwari Exam) में अक्सर राजस्व प्रणाली (Revenue System) और 'दहसाला' पद्धति के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं।
मुगल प्रशासन का केंद्र स्वयं सम्राट (Emperor) होता था, जिसकी सहायता के लिए वजीर (Wazir) और मीर बख्शी (Mir Bakshi) जैसे वरिष्ठ मंत्री होते थे। मीर बख्शी सैन्य विभाग (Military Department) का प्रमुख होता था और सेना की भर्ती व निरीक्षण की जिम्मेदारी संभालता था। सेना भर्ती (Army Bharti) के उम्मीदवारों के लिए मुगलों की युद्ध कला (Art of War) और तोपखाने (Artillery) के उपयोग को समझना आवश्यक है। साम्राज्य को सूबों (Provinces), सरकारों और परगनों (Parganas) में विभाजित किया गया था, जो आज की प्रशासनिक व्यवस्था से काफी मिलता-जुलता है।
राजस्व सुधारों में राजा टोडरमल (Raja Todarwal) का योगदान अतुलनीय है, जिन्होंने भूमि का वैज्ञानिक मापन (Scientific Measurement of Land) सुनिश्चित किया। जप्ती प्रणाली (Zabti System) के तहत भूमि की उर्वरता के आधार पर कर (Tax) निर्धारित किया जाता था, जिससे किसानों और राज्य दोनों को लाभ हुआ। रेलवे (Railway Exam) में अक्सर मुगलकालीन वास्तुकला (Architecture) जैसे ताजमहल और लाल किले के निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक प्रश्न पूछे जाते हैं। यह काल भारतीय इतिहास में सांस्कृतिक समन्वय (Cultural Synthesis) का युग माना जाता है।
मुगल काल में व्यापार और वाणिज्य (Trade and Commerce) को बढ़ावा देने के लिए एक समान मुद्रा (Common Currency) और सड़कों का जाल बिछाया गया था। चांदी का रुपया (Silver Rupee) इसी काल की देन है, जो आधुनिक भारतीय मुद्रा का पूर्वज माना जा सकता है। डाक विभाग (Post Office Exam) की परीक्षाओं में मुगलकालीन संचार व्यवस्था (Communication System) और हरकारों के बारे में जानकारी पूछी जा सकती है। साहित्य और कला के क्षेत्र में फारसी (Persian) को राजभाषा (Official Language) का दर्जा प्राप्त था।
धार्मिक नीति (Religious Policy) के संदर्भ में अकबर का 'दीन-ए-इलाही' और 'सुलह-ए-कुल' (Universal Peace) का सिद्धांत बहुत महत्वपूर्ण है। औरंगजेब के समय की नीतियों और मराठा साम्राज्य (Maratha Empire) के उदय से जुड़े प्रश्न भी सामान्य ज्ञान खंड में अक्सर देखे जाते हैं। आंगनवाड़ी (Anganwadi Exam) परीक्षाओं के लिए मुगलकालीन सामाजिक जीवन और महिलाओं की स्थिति का अध्ययन करना लाभदायक होता है। मुगलों के पतन (Downfall) के कारणों और उत्तर-मुगलकालीन शासकों के क्रम को याद रखना प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनिवार्य है।