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सम्राट अशोक (Emperor Ashoka) मौर्य वंश (Mauryan Dynasty) के सबसे प्रतापी शासक थे, जिन्होंने कलिंग युद्ध (Kalinga War) के बाद हिंसा का त्याग कर अहिंसा का मार्ग अपनाया। उनके द्वारा प्रतिपादित 'धम्म' (Dhamma) कोई नया धर्म नहीं था, बल्कि नैतिक आचार संहिता (Moral Code of Conduct) थी। अशोक ने प्रजा के कल्याण के लिए सड़कों के किनारे पेड़ लगवाए, कुएँ खुदवाए और चिकित्सालय (Hospitals) बनवाए। पटवारी परीक्षा (Patwari Exam) में अक्सर मौर्यकालीन ग्रामीण प्रशासन (Rural Administration) और भूमि कर के बारे में पूछा जाता है।

अशोक के शिलालेख (Inscriptions) और स्तंभ लेख भारतीय इतिहास के सबसे विश्वसनीय स्रोत (Reliable Sources) माने जाते हैं। ये लेख ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों (Scripts) में लिखे गए थे, जिन्हें जेम्स प्रिंसेप (James Prinsep) ने पहली बार पढ़ा था। इन शिलालेखों में अशोक को 'देवानांपिय' (Beloved of Gods) कहा गया है। रेलवे (Railway Exam) में अक्सर सारनाथ के सिंह स्तंभ (Lion Capital) और राष्ट्रीय प्रतीक (National Emblem) से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। धम्म के प्रचार के लिए उन्होंने धम्म महामात्रों (Dhamma Mahamattas) की नियुक्ति की थी।

मौर्य साम्राज्य का प्रशासन अत्यंत केंद्रीकृत (Centralized) था, जिसकी जानकारी कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' (Arthashastra) और मेगस्थनीज की 'इंडिका' (Indica) से मिलती है। पाटलिपुत्र (Pataliputra) इस विशाल साम्राज्य की राजधानी थी, जहाँ की नगर व्यवस्था का विवरण अद्भुत है। सेना भर्ती (Army Bharti) की परीक्षाओं में मौर्य सेना के अंगों और जासूसी प्रणाली (Espionage System) के बारे में प्रश्न आ सकते हैं। चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित यह साम्राज्य भारत के प्रथम अखिल भारतीय साम्राज्य (All-India Empire) के रूप में जाना जाता है।

अशोक ने बौद्ध धर्म (Buddhism) के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा, जिससे यह एक वैश्विक धर्म बन गया। तीसरी बौद्ध संगीति (Third Buddhist Council) का आयोजन भी उन्हीं के शासनकाल में हुआ था। डाक विभाग (Post Office Exam) की परीक्षाओं के लिए मौर्यकालीन संचार मार्ग और 'उत्तरापथ' (Northern Highroad) का अध्ययन करना लाभदायक है। अशोक के शिलालेखों में पड़ोसी राज्यों और यूनानी राजाओं (Greek Kings) का उल्लेख उनके कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है।

आंगनवाड़ी (Anganwadi Exam) की परीक्षाओं के लिए मौर्यकालीन कला और स्तूपों (Stupas) के निर्माण से जुड़े सरल प्रश्न पूछे जा सकते हैं। सांची का स्तूप (Sanchi Stupa) मौर्यकालीन वास्तुकला का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है। अशोक की धम्म नीति ने समाज में सहिष्णुता (Tolerance) और भाईचारे को बढ़ावा दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। इतिहास के इस गौरवशाली अध्याय का अध्ययन हमें एक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की अवधारणा से परिचित कराता है। विभिन्न मॉक टेस्ट (Mock Tests) के जरिए आप इन प्राचीन राजवंशों की जानकारी को अपडेट रख सकते हैं।

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सम्राट अशोक (Emperor Ashoka) मौर्य वंश (Mauryan Dynasty) के सबसे प्रतापी शासक थे, जिन्होंने कलिंग युद्ध (Kalinga War) के बाद हिंसा का त्याग कर अहिंसा का मार्ग अपनाया। उनके द्वारा प्रतिपादित 'धम्म' (Dhamma) कोई नया धर्म नहीं था, बल्कि नैतिक आचार संहिता (Moral Code of Conduct) थी। अशोक ने प्रजा के कल्याण के लिए सड़कों के किनारे पेड़ लगवाए, कुएँ खुदवाए और चिकित्सालय (Hospitals) बनवाए। पटवारी परीक्षा (Patwari Exam) में अक्सर मौर्यकालीन ग्रामीण प्रशासन (Rural Administration) और भूमि कर के बारे में पूछा जाता है।

अशोक के शिलालेख (Inscriptions) और स्तंभ लेख भारतीय इतिहास के सबसे विश्वसनीय स्रोत (Reliable Sources) माने जाते हैं। ये लेख ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों (Scripts) में लिखे गए थे, जिन्हें जेम्स प्रिंसेप (James Prinsep) ने पहली बार पढ़ा था। इन शिलालेखों में अशोक को 'देवानांपिय' (Beloved of Gods) कहा गया है। रेलवे (Railway Exam) में अक्सर सारनाथ के सिंह स्तंभ (Lion Capital) और राष्ट्रीय प्रतीक (National Emblem) से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। धम्म के प्रचार के लिए उन्होंने धम्म महामात्रों (Dhamma Mahamattas) की नियुक्ति की थी।

मौर्य साम्राज्य का प्रशासन अत्यंत केंद्रीकृत (Centralized) था, जिसकी जानकारी कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' (Arthashastra) और मेगस्थनीज की 'इंडिका' (Indica) से मिलती है। पाटलिपुत्र (Pataliputra) इस विशाल साम्राज्य की राजधानी थी, जहाँ की नगर व्यवस्था का विवरण अद्भुत है। सेना भर्ती (Army Bharti) की परीक्षाओं में मौर्य सेना के अंगों और जासूसी प्रणाली (Espionage System) के बारे में प्रश्न आ सकते हैं। चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित यह साम्राज्य भारत के प्रथम अखिल भारतीय साम्राज्य (All-India Empire) के रूप में जाना जाता है।

अशोक ने बौद्ध धर्म (Buddhism) के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा, जिससे यह एक वैश्विक धर्म बन गया। तीसरी बौद्ध संगीति (Third Buddhist Council) का आयोजन भी उन्हीं के शासनकाल में हुआ था। डाक विभाग (Post Office Exam) की परीक्षाओं के लिए मौर्यकालीन संचार मार्ग और 'उत्तरापथ' (Northern Highroad) का अध्ययन करना लाभदायक है। अशोक के शिलालेखों में पड़ोसी राज्यों और यूनानी राजाओं (Greek Kings) का उल्लेख उनके कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है।

आंगनवाड़ी (Anganwadi Exam) की परीक्षाओं के लिए मौर्यकालीन कला और स्तूपों (Stupas) के निर्माण से जुड़े सरल प्रश्न पूछे जा सकते हैं। सांची का स्तूप (Sanchi Stupa) मौर्यकालीन वास्तुकला का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है। अशोक की धम्म नीति ने समाज में सहिष्णुता (Tolerance) और भाईचारे को बढ़ावा दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। इतिहास के इस गौरवशाली अध्याय का अध्ययन हमें एक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की अवधारणा से परिचित कराता है। विभिन्न मॉक टेस्ट (Mock Tests) के जरिए आप इन प्राचीन राजवंशों की जानकारी को अपडेट रख सकते हैं।
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