हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD Haryana) द्वारा समय-समय पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (Worker) और सहायिका (Helper) के पदों पर भर्ती निकाली जाती है। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) न्यूनतम 10वीं या 12वीं पास होना आवश्यक है। इच्छुक महिलाओं को अपने संबंधित महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) कार्यालय में जाकर ऑफलाइन (Offline) या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन (Application) करना होता है।
मानदेय (Honorarium) के मामले में हरियाणा सरकार देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी अच्छी राशि प्रदान करती है। कुशल आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान (Contribution) को मिलाकर एक सम्मानजनक मासिक वेतन (Monthly Salary) दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, समय-समय पर अनुभव के आधार पर मानदेय में वृद्धि (Increment) का भी प्रावधान होता है, जिससे आर्थिक स्थिरता (Economic Stability) बनी रहती है।
चयन प्रक्रिया (Selection Process) आमतौर पर मेरिट सूची (Merit List) और साक्षात्कार (Interview) पर आधारित होती है। उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता के अंकों और सामाजिक-आर्थिक मानदंडों (Socio-Economic Criteria) को जोड़कर अंतिम चयन किया जाता है। विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथों को चयन में कुछ अतिरिक्त वरीयता (Preference) देने का भी नियम है ताकि उन्हें सशक्त (Empower) बनाया जा सके।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का मुख्य कार्य बच्चों के टीकाकरण (Immunization), पोषण (Nutrition) और पूर्व-स्कूली शिक्षा (Pre-school Education) की देखरेख करना है। उन्हें गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य का रिकॉर्ड भी रखना पड़ता है। हरियाणा में आंगनवाड़ी केंद्रों (Anganwadi Centers) को आधुनिक बनाने के लिए सरकार अब डिजिटल डिवाइस (Digital Devices) जैसे स्मार्टफोन का उपयोग भी सिखा रही है।
इस क्षेत्र में रोजगार (Employment) प्राप्त करना ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्म-निर्भर (Self-reliant) बनने का एक बेहतरीन मौका है। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों (Welfare Programs) का लाभ सीधा जनता तक पहुँचाने की जिम्मेदारी इन्हीं कार्यकर्ताओं पर होती है। स्थानीय स्तर पर काम करने की सुविधा के कारण यह पद महिलाओं के बीच बहुत लोकप्रिय (Popular) है।