आईईएलटीएस (IELTS) मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित है जिसे अकादमिक (Academic) और जनरल ट्रेनिंग (General Training) कहा जाता है। अकादमिक संस्करण उन छात्रों (Students) के लिए है जो विदेशी विश्वविद्यालयों (Foreign Universities) में उच्च शिक्षा (Higher Education) प्राप्त करना चाहते हैं। इसमें अंग्रेजी भाषा के परीक्षण का स्तर थोड़ा कठिन होता है क्योंकि यह शैक्षणिक वातावरण (Academic Environment) पर केंद्रित होता है।
दूसरी ओर जनरल ट्रेनिंग (General Training) उन लोगों के लिए है जो पीआर (Permanent Residency) या कार्य वीजा (Work Visa) पर कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या यूके जैसे देशों में जाना चाहते हैं। इस परीक्षा का उद्देश्य दैनिक जीवन (Daily Life) की स्थितियों में आपकी संवाद क्षमता (Communication Skills) को परखना होता है। इसमें शब्दावली (Vocabulary) और गद्यांश (Passages) तुलनात्मक रूप से सरल और सामाजिक संदर्भ (Social Context) वाले होते हैं।
परीक्षा के दोनों प्रारूपों में सुनने (Listening) और बोलने (Speaking) के खंड (Sections) बिल्कुल समान होते हैं। अंतर केवल पढ़ने (Reading) और लिखने (Writing) के कार्य (Tasks) में होता है। अकादमिक लिखने (Academic Writing) में आपको ग्राफ या चार्ट का विश्लेषण (Analysis) करना होता है, जबकि जनरल में अक्सर औपचारिक पत्र (Formal Letters) लिखने के लिए कहा जाता है।
उम्मीदवारों को अपने लक्ष्य (Goal) के अनुसार सही मॉड्यूल (Module) का चुनाव करना चाहिए। यदि आप छात्र हैं तो अकादमिक चुनें और यदि आप पेशेवर (Professional) हैं या अप्रवासन (Immigration) के लिए जा रहे हैं तो जनरल ट्रेनिंग चुनना सही रहता है। गलत मॉड्यूल चुनने से आपका आवेदन (Application) अस्वीकार किया जा सकता है, इसलिए दिशा-निर्देशों (Guidelines) को ध्यान से पढ़ें।
पंजीकरण (Registration) करने से पहले हमेशा उस संस्थान या दूतावास (Embassy) की आवश्यकताओं (Requirements) की जाँच करें जहाँ आप आवेदन कर रहे हैं। कई बार कुछ विशिष्ट पाठ्यक्रमों (Specialized Courses) के लिए केवल अकादमिक अंक (Academic Scores) ही मान्य होते हैं। सही जानकारी होने से आपका समय और पैसा दोनों सुरक्षित रहते हैं।