आईईएलटीएस (IELTS) में कोई फेल या पास नहीं होता है, बल्कि उम्मीदवारों को 0 से 9 के पैमाने (Scale) पर बैंड स्कोर (Band Score) दिए जाते हैं। 9 बैंड का अर्थ है कि आप भाषा के 'विशेषज्ञ उपयोगकर्ता' (Expert User) हैं। प्रत्येक खंड के लिए अलग स्कोर दिया जाता है और फिर उनका औसत (Average) निकालकर कुल बैंड स्कोर (Overall Band Score) निर्धारित किया जाता है।
7 बैंड या उससे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए आपको चारों कौशलों (Skills) में उच्च स्तर की सटीकता (Accuracy) दिखानी होगी। पढ़ने और सुनने में आपको 40 में से कम से कम 30 से 32 उत्तर सही करने होते हैं। लिखने और बोलने में परीक्षक आपकी जटिल वाक्यों (Complex Sentences) को बनाने की क्षमता और विचारों की स्पष्टता (Clarity of Ideas) को देखता है।
स्कोरिंग (Scoring) में व्याकरणिक त्रुटियाँ (Grammatical Errors) और वर्तनी (Spelling) की गलतियाँ आपके अंक कम कर सकती हैं। प्रत्येक आधे बैंड (Half Band) जैसे 6.5 या 7.5 का भी बहुत महत्व होता है क्योंकि कई विश्वविद्यालय (Universities) न्यूनतम बैंड की शर्त रखते हैं। स्कोर कार्ड की वैधता (Validity) आमतौर पर परीक्षा की तारीख से दो वर्ष (Two Years) तक होती है।
उच्च बैंड स्कोर (High Band Score) पाने के लिए आपको अंग्रेजी भाषा के प्राकृतिक प्रवाह (Natural Flow) को अपनाना होगा। केवल रटे-रटाए उत्तर देने से अच्छे अंक नहीं मिलते। अभ्यास (Practice) के दौरान अंग्रेजी समाचार पत्र पढ़ना और पॉडकास्ट (Podcasts) सुनना सुनने और पढ़ने की क्षमता को बेहतर बनाने के प्रभावी तरीके (Effective Methods) हैं।
विभिन्न देशों की वीजा नीतियों (Visa Policies) के अनुसार आवश्यक बैंड स्कोर अलग-अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, नर्सिंग या कानून (Law) के छात्रों को अक्सर 7.5 या 8 बैंड की आवश्यकता होती है। अपनी पसंद के देश के मानदंडों (Criteria) को समझकर लक्ष्य निर्धारित करना तैयारी की पहली सीढ़ी (First Step) है।