एसक्यूएल (SQL) में डेटा मैनिपुलेशन लैंग्वेज (Data Manipulation Language - DML) का उपयोग मौजूदा डेटा (Data) को बदलने या नया डेटा जोड़ने के लिए किया जाता है। इंसर्ट (INSERT) कमांड का प्राथमिक कार्य तालिका (Table) में नई जानकारी (Information) को पंक्ति (Row) के रूप में जोड़ना है। जब आप किसी वेबसाइट पर नया खाता (Account) बनाते हैं, तो आपकी जानकारी इसी कमांड (Command) के माध्यम से डेटाबेस (Database) के अंदर सुरक्षित (Store) की जाती है।
अपडेट (UPDATE) कमांड का उपयोग तब होता है जब हमें पहले से मौजूद किसी जानकारी (Existing Information) में सुधार करना होता है। मान लीजिए कि किसी ग्राहक (Customer) ने अपना पता (Address) बदल लिया है, तो पुराने पते को हटाकर नया पता लिखने के लिए इस निर्देश (Instruction) का सहारा लिया जाता है। यहाँ वेयर क्लॉज (WHERE Clause) का उपयोग अत्यंत सावधानी से करना चाहिए, अन्यथा पूरी तालिका (Table) का डेटा अनजाने में बदल सकता है। यह डेटा को ताज़ा (Up-to-date) रखने की एक सतत प्रक्रिया है।
डिलीट (DELETE) कमांड का उपयोग उन रिकॉर्ड्स (Records) को हटाने के लिए किया जाता है जिनकी अब आवश्यकता नहीं है। यदि कोई उत्पाद (Product) अब स्टॉक (Stock) में नहीं है या कोई उपयोगकर्ता (User) अपनी सदस्यता (Membership) समाप्त करना चाहता है, तो उसे डेटाबेस (Database) से हटाने के लिए यह कमांड काम आती है। यह स्टोरेज (Storage) को खाली रखने और केवल उपयोगी डेटा (Useful Data) को बनाए रखने में मदद करती है। इसमें भी शर्तों (Conditions) का सही उपयोग करना सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी है।
ट्रंकेट (TRUNCATE) कमांड डिलीट (DELETE) से थोड़ा अलग काम करती है क्योंकि यह पूरी तालिका (Table) को एक साथ खाली कर देती है। यह डिलीट (DELETE) की तुलना में बहुत तेज (Fast) होती है क्योंकि यह प्रत्येक पंक्ति (Row) को अलग से हटाने के बजाय पूरे डेटा (Data) को एक बार में साफ कर देती है। इसका उपयोग आमतौर पर परीक्षण (Testing) के दौरान डेटा को साफ करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इसमें किसी विशेष रिकॉर्ड (Specific Record) को चुनने का विकल्प नहीं होता, इसलिए इसका प्रयोग बहुत ही सोच-समझकर करना चाहिए।
इन सभी कमांड्स (Commands) को चलाने के बाद अक्सर कमिट (COMMIT) का उपयोग किया जाता है ताकि बदलाव स्थायी (Permanent) हो जाएं। यदि कोई गलती हो जाती है, तो रोलबैक (ROLLBACK) का उपयोग करके उन बदलावों को निरस्त (Cancel) किया जा सकता है। यह ट्रांजैक्शन कंट्रोल (Transaction Control) सुनिश्चित करता है कि डेटाबेस (Database) हमेशा एक स्थिर और सही स्थिति (Consistent State) में रहे। डेटा के साथ काम करते समय इन बुनियादी क्रियाओं (Operations) पर पकड़ होना एक सफल डेवलपर (Developer) की निशानी है।