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यदि आपके पास एक पुराना वाई-फाई राउटर (Old WiFi Router) पड़ा है, तो आप उसे कचरे में फेंकने के बजाय अपने वर्तमान नेटवर्क की सीमा बढ़ाने (Extend Range) के लिए उपयोग कर सकते हैं। इसे 'एक्सेस पॉइंट' (Access Point) मोड में सेट करने के लिए आपको इसे एक लंबी लैन केबल (LAN Cable) के जरिए अपने मुख्य राउटर से जोड़ना होगा। टेंडा (Tenda) और नेटिस (Netis) जैसे पुराने मॉडलों में भी यह विकल्प अक्सर मिल जाता है। यह तरीका सिग्नल की गति को कम किए बिना कवरेज बढ़ाने का सबसे सटीक रास्ता है।

इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए पुराने राउटर को रीसेट (Reset) करना और उसके आईपी एड्रेस (IP Address) को मुख्य नेटवर्क की श्रेणी (Subnet) में बदलना जरूरी है। उदाहरण के लिए, यदि मुख्य राउटर का पता 192.168.1.1 है, तो पुराने का पता 192.168.1.2 रखें। इसके बाद पुराने राउटर में डीएचसीपी (DHCP) सर्वर को बंद (Disable) करना न भूलें, अन्यथा यह आईपी एड्रेस के बीच टकराव (IP Conflict) पैदा कर सकता है और इंटरनेट चलना बंद हो जाएगा।

वायरलेस ब्रिजिंग (Wireless Bridging) या डब्ल्यूडीएस (WDS) मोड का उपयोग करके आप बिना किसी तार के भी दो राउटर्स को जोड़ सकते हैं। इसमें पुराना राउटर मुख्य राउटर से वायरलेस (Wireless) तरीके से सिग्नल पकड़ता है और उसे आगे बढ़ा देता है। हालांकि, इस तरीके में इंटरनेट की गति (Internet Speed) लगभग आधी रह जाती है, क्योंकि राउटर को एक साथ सिग्नल प्राप्त भी करना होता है और उसे प्रसारित (Broadcast) भी करना होता है। यह केवल उन जगहों के लिए सही है जहाँ तार बिछाना असंभव हो।

सेटिंग्स के दौरान वाई-फाई का नाम (SSID) और पासवर्ड (Password) आप मुख्य राउटर के जैसा ही रख सकते हैं या अलग भी कर सकते हैं। यदि आप एक ही नाम रखते हैं, तो आपके उपकरण (Devices) थोड़े बेहतर तरीके से एक से दूसरे नेटवर्क पर जा पाएंगे। हालांकि, पुराने राउटर्स में यह परिवर्तन उतना सुचारू (Seamless) नहीं होता जितना मेश सिस्टम (Mesh System) में होता है। दोनों राउटर्स को अलग-अलग चैनल (Channels) पर रखें ताकि वे एक-दूसरे के संकेतों में बाधा न डालें।

पुराने हार्डवेयर (Hardware) को इस तरह पुन: उपयोग (Reuse) करना पर्यावरण और आपकी जेब दोनों के लिए अच्छा है। यह उन कमरों या कोनों के लिए एक मुफ्त समाधान है जहाँ वाई-फाई सिग्नल कमजोर है। ध्यान रहे कि पुराने राउटर की गति (Speed) और सुरक्षा (Security) आज के मानकों से कम हो सकती है, इसलिए इसका उपयोग केवल सामान्य ब्राउज़िंग (Browsing) या स्मार्ट होम (Smart Home) उपकरणों को जोड़ने के लिए ही करें। यह कबाड़ बन चुके डिवाइस (Device) को फिर से काम में लाने का एक शानदार इंजीनियरिंग तरीका है।

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यदि आपके पास एक पुराना वाई-फाई राउटर (Old WiFi Router) पड़ा है, तो आप उसे कचरे में फेंकने के बजाय अपने वर्तमान नेटवर्क की सीमा बढ़ाने (Extend Range) के लिए उपयोग कर सकते हैं। इसे 'एक्सेस पॉइंट' (Access Point) मोड में सेट करने के लिए आपको इसे एक लंबी लैन केबल (LAN Cable) के जरिए अपने मुख्य राउटर से जोड़ना होगा। टेंडा (Tenda) और नेटिस (Netis) जैसे पुराने मॉडलों में भी यह विकल्प अक्सर मिल जाता है। यह तरीका सिग्नल की गति को कम किए बिना कवरेज बढ़ाने का सबसे सटीक रास्ता है।

इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए पुराने राउटर को रीसेट (Reset) करना और उसके आईपी एड्रेस (IP Address) को मुख्य नेटवर्क की श्रेणी (Subnet) में बदलना जरूरी है। उदाहरण के लिए, यदि मुख्य राउटर का पता 192.168.1.1 है, तो पुराने का पता 192.168.1.2 रखें। इसके बाद पुराने राउटर में डीएचसीपी (DHCP) सर्वर को बंद (Disable) करना न भूलें, अन्यथा यह आईपी एड्रेस के बीच टकराव (IP Conflict) पैदा कर सकता है और इंटरनेट चलना बंद हो जाएगा।

वायरलेस ब्रिजिंग (Wireless Bridging) या डब्ल्यूडीएस (WDS) मोड का उपयोग करके आप बिना किसी तार के भी दो राउटर्स को जोड़ सकते हैं। इसमें पुराना राउटर मुख्य राउटर से वायरलेस (Wireless) तरीके से सिग्नल पकड़ता है और उसे आगे बढ़ा देता है। हालांकि, इस तरीके में इंटरनेट की गति (Internet Speed) लगभग आधी रह जाती है, क्योंकि राउटर को एक साथ सिग्नल प्राप्त भी करना होता है और उसे प्रसारित (Broadcast) भी करना होता है। यह केवल उन जगहों के लिए सही है जहाँ तार बिछाना असंभव हो।

सेटिंग्स के दौरान वाई-फाई का नाम (SSID) और पासवर्ड (Password) आप मुख्य राउटर के जैसा ही रख सकते हैं या अलग भी कर सकते हैं। यदि आप एक ही नाम रखते हैं, तो आपके उपकरण (Devices) थोड़े बेहतर तरीके से एक से दूसरे नेटवर्क पर जा पाएंगे। हालांकि, पुराने राउटर्स में यह परिवर्तन उतना सुचारू (Seamless) नहीं होता जितना मेश सिस्टम (Mesh System) में होता है। दोनों राउटर्स को अलग-अलग चैनल (Channels) पर रखें ताकि वे एक-दूसरे के संकेतों में बाधा न डालें।

पुराने हार्डवेयर (Hardware) को इस तरह पुन: उपयोग (Reuse) करना पर्यावरण और आपकी जेब दोनों के लिए अच्छा है। यह उन कमरों या कोनों के लिए एक मुफ्त समाधान है जहाँ वाई-फाई सिग्नल कमजोर है। ध्यान रहे कि पुराने राउटर की गति (Speed) और सुरक्षा (Security) आज के मानकों से कम हो सकती है, इसलिए इसका उपयोग केवल सामान्य ब्राउज़िंग (Browsing) या स्मार्ट होम (Smart Home) उपकरणों को जोड़ने के लिए ही करें। यह कबाड़ बन चुके डिवाइस (Device) को फिर से काम में लाने का एक शानदार इंजीनियरिंग तरीका है।
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