मानचित्र और लेबलिंग (Labeling) वाले प्रश्न अक्सर दूसरे या तीसरे भाग में देखे जाते हैं और कई उम्मीदवारों को ये कठिन लगते हैं। इन प्रश्नों को हल करने के लिए सबसे पहले मानचित्र की दिशाओं (Directions) जैसे उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम को समझना जरूरी है। रिकॉर्डिंग शुरू होने से पहले आपको मानचित्र पर दिए गए संकेतों (Landmarks) और शुरुआती बिंदु (Starting Point) को ध्यान से देख लेना चाहिए।
वक्ता अक्सर स्थानिक पूर्वसर्गों (Spatial Prepositions) का उपयोग करता है जैसे 'अगले दरवाजे' (Next to), 'के विपरीत' (Opposite) या 'कोने के आसपास' (Around the corner)। इन शब्दों को सुनते ही आपको अपनी पेंसिल को मानचित्र पर घुमाना चाहिए ताकि आप वक्ता के निर्देशों (Instructions) का अनुसरण कर सकें। यदि आप वक्ता की गति के साथ तालमेल खो देते हैं, तो अगले प्रश्न पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर होता है।
आरेख लेबलिंग (Diagram Labeling) में किसी मशीन या प्रक्रिया (Process) के विभिन्न हिस्सों की पहचान करनी होती है। यहाँ आपको वक्ता द्वारा दिए गए तकनीकी विवरण (Technical Descriptions) पर ध्यान देना होता है। अक्सर वक्ता किसी हिस्से के आकार (Shape), कार्य (Function) या स्थिति (Position) के बारे में बताता है, जो उत्तर ढूँढने में सहायक होता है।
इन सवालों में सबसे बड़ी चुनौती वक्ता द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पर्यायवाची शब्दों (Synonyms) को समझना है। मानचित्र पर जो शब्द लिखे हैं, वक्ता शायद उन्हीं का उपयोग न करे, बल्कि उनके बदले दूसरे मिलते-जुलते शब्दों का प्रयोग करे। इसलिए आपकी शब्दावली (Vocabulary) का मजबूत होना और त्वरित सोच (Quick Thinking) बहुत आवश्यक है।
अभ्यास के दौरान विभिन्न प्रकार के मानचित्रों (Maps) का विश्लेषण करें और दिशा-निर्देशों को सुनने की आदत डालें। यह खंड आपकी स्थानिक जागरूकता (Spatial Awareness) और सुनने की सूक्ष्मता को परखता है। सही अभ्यास के साथ ये प्रश्न आपके बैंड स्कोर (Band Score) को काफी बढ़ा सकते हैं क्योंकि इनमें जानकारी सीधे तौर पर दी गई होती है।