जब मन भारी लगता है तो काम शुरू करना मुश्किल लगता है, इसलिए छोटे-छोटे steps से शुरुआत करना सबसे helpful होता है। बड़ी list बनाने की बजाय सिर्फ एक छोटे काम को चुनकर करना motivation बढ़ाता है। मन धीरे-धीरे हल्का महसूस करता है और काम आसान लगता है। शुरुआत हमेशा छोटी होनी चाहिए क्योंकि इससे confidence बढ़ता है।
Morning में पाँच मिनट खुद से शांत बैठना mind को stable करता है। जब दिन की शुरुआत clear mind से होती है तो काम में भी energy बनी रहती है। कई बार motivation अंदर से ही आता है, बस उसे महसूस करने का समय चाहिए होता है। यह छोटी breathing practice routine को अच्छे से चलाती है।
Rojh की छोटी achievements को note करना motivation को लंबे समय तक बनाए रखता है। जब आप देख पाते हैं कि आप daily थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ रहे हैं, तो मन में positive feeling बनती है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और काम करने का मन ज़्यादा रहता है। यह habit self-growth में बहुत strong tool है।
Social media comparison भी motivation को कम करता है, इसलिए खुद की journey पर focus करना जरूरी है। हर इंसान की pace अलग होती है और यही सच है। खुद से compete करना ज्यादा powerful होता है। बाहर की आवाज़ें कम सुनें और अपनी आवाज़ ज़्यादा।
हर दिन शाम को दो मिनट अपनी progress को judge करने में लगाएँ। जब आप खुद को समझते हैं तो आपको पता चलता है कि कौनसी चीज़ें आपको push करती हैं। इसी awareness से motivation stable बनता है। धीरे-धीरे mind strong होता है और काम simple लगता है।