opinions बोलने में hesitation इसलिए आती है क्योंकि mind सोचता है कि सामने वाला disagree करेगा। लेकिन disagreement normal है। इस बात को समझना आपकी hesitation को आधा कर देता है। हर राय एक अलग अनुभव से आती है।
अपनी राय को छोटे sentences में बोलकर शुरुआत करें। पूरी बात विस्तार से बोलने की जरूरत नहीं। छोटे points बोलना mind को manageable लगता है। धीरे-धीरे आपका बोलने का flow सुधारने लगता है।
conversation से पहले अपनी राय को मन में clarity से सोच लें। जब आपको खुद पता होता है कि आप क्या कहना चाहते हैं, तो सामने बोलना आसान हो जाता है। clear सोच confidence को naturally मजबूत करती है।
धीरे और calm होकर बोलें। जब बोलने की speed कम होती है तो nervousness automatically कम होती है। लोग भी आपकी बात पर ध्यान देते हैं। calm tone हमेशा confident लगती है।
अपनी राय बोलने के बाद खुद को appreciate करें। हर बार छोटे steps लेने से hesitation कम होती है। कुछ ही समय में आप open और confident होकर opinions share करने लगेंगे।