overreact इसलिए होता है क्योंकि दिमाग तुरंत meaning निकाल लेता है। सबसे पहले खुद को pause देना सीखें। pause आपकी reaction speed को कम करता है। pause करने से दिमाग को actual meaning समझने का समय मिलता है।
किसी भी बात पर पहले खुद से पूछें कि क्या सामने वाला सच में बुरा बोल रहा है या मैं ज़्यादा सोच रहा हूँ। ये सवाल आपका दिमाग calm कर देता है। इससे आप बातें neutral नजर से देखने लगते हैं।
सामने वाले की body language को observe करें। लोग अक्सर tone से नहीं, gestures से असली बात बताते हैं। body language समझने से misunderstanding कम हो जाती है। ये emotional intelligence का बड़ा हिस्सा है।
अगर कोई बात समझ न आए तो politely clarification माँगें। भूल न करें कि पूछना कमजोरी नहीं है। clarification से confusion दूर होता है। इससे आप गलत react नहीं करते।
धीरे-धीरे खुद को सिखाएँ कि हर बात personally लेना जरूरी नहीं है। जब mind neutral रहना सीखता है, emotional बुद्धिमानी अपने आप बढ़ती है। इससे आपकी reactions controlled और समझदारी वाली हो जाती हैं।