कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्रों का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) आधुनिक तकनीक (Modern Technology) से लैस होता है। यहाँ प्रत्येक उम्मीदवार के लिए एक व्यक्तिगत कंप्यूटर (Personal Computer) और उन्नत ध्वनि प्रणाली (Advanced Sound System) उपलब्ध कराई जाती है। इन केंद्रों पर परीक्षा की आवृत्ति (Frequency of Exams) बहुत अधिक होती है, जिससे आपको तारीखों के अधिक विकल्प मिलते हैं। कंप्यूटर आधारित केंद्रों का एक बड़ा लाभ यह है कि यहाँ परिणाम (Results) बहुत जल्दी, आमतौर पर तीन से पांच दिनों के भीतर, घोषित कर दिए जाते हैं।
इसके विपरीत, पेपर आधारित परीक्षा केंद्र अक्सर बड़े हॉल (Large Halls) या स्कूलों के सभागारों में स्थित होते हैं। यहाँ एक साथ बहुत सारे उम्मीदवार परीक्षा देते हैं, जिससे माहौल थोड़ा अधिक पारंपरिक (Traditional Atmosphere) महसूस हो सकता है। इन केंद्रों पर आपको उत्तर लिखने के लिए पेंसिल और इरेज़र (Pencil and Eraser) का उपयोग करना होता है। पेपर आधारित केंद्रों पर परिणाम आने में लगभग तेरह दिन (13 Days) का समय लगता है। जो लोग कीबोर्ड पर टाइप करने के बजाय हाथ से लिखने में निपुण हैं, वे अक्सर इन केंद्रों को प्राथमिकता देते हैं।
कंप्यूटर आधारित केंद्रों में बैठने की व्यवस्था (Seating Arrangement) अधिक निजी (Private) होती है, जो छात्रों को बेहतर ध्यान केंद्रित (Better Focus) करने में मदद करती है। प्रत्येक डेस्क पर डिवाइडर (Dividers) लगे होते हैं ताकि गोपनीयता बनी रहे। सुनने के परीक्षण के दौरान ध्वनि की स्पष्टता (Clarity of Sound) इन केंद्रों में बहुत सटीक होती है क्योंकि आप अपनी सुविधा के अनुसार आवाज को कम या ज्यादा (Volume Control) कर सकते हैं। पठन खंड (Reading Section) में भी स्क्रीन पर टेक्स्ट को बड़ा करने की सुविधा आपको मिल सकती है।
पेपर आधारित केंद्रों में लाउडस्पीकर (Loudspeakers) का उपयोग किया जा सकता है, जो कभी-कभी गूंज (Echo) पैदा कर सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक बोर्ड यह सुनिश्चित करते हैं कि ध्वनि की गुणवत्ता (Sound Quality) हर जगह मानक के अनुरूप हो। इन केंद्रों पर आपको उत्तरों को ओएमआर शीट (OMR Sheet) पर स्थानांतरित करने के लिए अतिरिक्त समय मिलता है। आपकी व्यक्तिगत लेखन शैली (Writing Style) और कंप्यूटर के साथ आपकी सहजता ही यह तय करती है कि आपके लिए कौन सा केंद्र प्रकार सर्वश्रेष्ठ (Best Center Type) रहेगा।
पंजीकरण (Registration) के समय अपनी श्रेणी को ध्यान से चुनें क्योंकि एक बार केंद्र बुक हो जाने के बाद प्रारूप बदलना कठिन हो सकता है। भारत के प्रमुख शहरों में दोनों प्रकार के केंद्रों की भरमार है। अपनी टाइपिंग गति (Typing Speed) और पढ़ने की आदतों का आत्म-मूल्यांकन (Self-assessment) करें। सही केंद्र का वातावरण आपकी कार्यक्षमता (Efficiency) को बढ़ा सकता है और आपको वांछित बैंड स्कोर (Band Score) प्राप्त करने के करीब ले जा सकता है।