सुनने के परीक्षण में सही उत्तर सुनने के बावजूद कई छात्र वर्तनी की गलतियों (Spelling Errors) के कारण अपने अंक गँवा देते हैं। आईईएलटीएस में वर्तनी का सही होना अनिवार्य है; एक गलत अक्षर भी आपके उत्तर को अमान्य (Invalid) बना सकता है। अभ्यास के दौरान मुश्किल शब्दों की एक सूची बनाएं और उन्हें बार-बार लिखने का अभ्यास करें। विशेष रूप से उन शब्दों पर ध्यान दें जिनमें 'ई' और 'आई' (E and I) या दोहरे अक्षर (Double Letters) जैसे 'Accommodation' का प्रयोग होता है।
व्याकरण (Grammar) के नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है, विशेषकर एक-वचन और बहु-वचन (Singular and Plural) के मामले में। यदि ऑडियो में वक्ता ने 'Books' कहा है और आपने केवल 'Book' लिखा है, तो आपका उत्तर गलत माना जाएगा। शब्दों के अंत में 's' या 'es' की ध्वनि को बहुत ध्यान से सुनने का प्रयास करें। अक्सर छात्र इन सूक्ष्म ध्वनियों (Subtle Sounds) को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे उनके बैंड स्कोर (Band Score) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
निर्देशों को पढ़ना (Reading Instructions) वर्तनी और व्याकरण की शुद्धता बनाए रखने का पहला कदम है। यदि निर्देश कहता है "दो शब्दों से अधिक नहीं" (NO MORE THAN TWO WORDS), तो सुनिश्चित करें कि आपका उत्तर उसी सीमा के भीतर हो। संख्याओं (Numbers) और तिथियों (Dates) को लिखने के मानक तरीकों का पालन करें। 'फरवरी' (February) या 'बुधवार' (Wednesday) जैसे सामान्य शब्दों की वर्तनी में भी अक्सर गलतियां होती हैं, इसलिए इन्हें हल्के में न लें।
उत्तरों को अंतिम उत्तर पत्रक (Answer Sheet) पर स्थानांतरित करते समय दोबारा जांचना (Proofreading) एक अच्छी आदत है। इस 10 मिनट के समय का उपयोग अपनी लिखावट (Handwriting) को स्पष्ट करने और व्याकरण संबंधी त्रुटियों को सुधारने के लिए करें। सुनिश्चित करें कि आपके लिखे गए शब्द वाक्य के संदर्भ में व्याकरणिक रूप से फिट (Grammatically Fit) बैठ रहे हैं। यदि वाक्य को एक संज्ञा (Noun) की आवश्यकता है और आपने क्रिया (Verb) लिखी है, तो उत्तर की दोबारा समीक्षा करें।
अपनी सुनने की क्षमता के साथ-साथ अपनी लेखन गति (Writing Speed) और सटीकता को भी निखारें। नियमित श्रुतलेख (Dictation) का अभ्यास आपकी वर्तनी को मजबूत बनाने में बहुत मदद कर सकता है। अंग्रेजी समाचारों के शीर्षक लिखना या छोटे अनुच्छेद (Paragraphs) सुनकर लिखना एक बेहतरीन अभ्यास है। जितना अधिक आप लिखेंगे, उतनी ही आपकी उंगलियां शब्दों की सही बनावट (Pattern) की आदी हो जाएंगी।