Life में सही goals चुनना मुश्किल लगता है क्योंकि दिमाग हमेशा कई directions में चला जाता है। इसलिए सबसे पहले खुद से पूछें कि आपकी ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा किस चीज़ की कमी महसूस होती है। जब आप अपनी core जरूरत समझते हैं, तो goals अपने आप साफ हो जाते हैं। Self-awareness ही goal clarity की जड़ है।
अपने goals को तीन categories में बांटें—health, career और personal growth. इन तीनों में सोचने से direction मिलती है। जब आप हर category में एक छोटा सा target बनाते हैं, तो पूरा process simple हो जाता है। Goals यूनिट में नहीं, categories में सोचकर बनते हैं।
Past experiences को भी ध्यान में रखें। सोचें कि आपने पहले कौनसी चीज़ करने की कोशिश की थी और क्यों नहीं बनी। Past mistakes आपको बताते हैं कि future में क्या avoid करना है। यह awareness आपको सही goals चुनने में मदद करती है।
Aap apni lifestyle और daily routine को भी देखें। ऐसा goal चुनिए जो आपके current life pattern के साथ fit हो सके। बहुत बड़े unrealistic goals शुरू में excitement देते हैं, पर बाद में break कर देते हैं। इसलिए हमेशा doable और real goals लें।
अंत में अपने चुने हुए goals को एक बार जोर से बोलिए। अगर सुनकर आपको excitement, comfort और clarity महसूस हो, तो वही आपका right goal है। Goal चुनना उतना दिमागी नहीं, जितना दिल और logic का संतुलन है।