बोलने की परीक्षा (Speaking Test) में सबसे आम गलती वर्तमान और भूतकाल (Present and Past Tense) का मिश्रण करना है। यदि परीक्षक आपके बचपन (Childhood) के बारे में पूछ रहा है, तो आपको अनिवार्य रूप से भूतकाल का उपयोग करना चाहिए। बहुत से छात्र तनाव (Stress) के कारण 'is' की जगह 'was' या क्रिया के गलत रूप (Verb Forms) का प्रयोग कर देते हैं। व्याकरण की यह अस्थिरता आपके प्रवाह (Fluency) को भी प्रभावित करती है।
विषय-क्रिया समझौता (Subject-Verb Agreement) का उल्लंघन भी एक गंभीर त्रुटि है। 'He go' के बजाय 'He goes' कहना एक बुनियादी नियम है जिसे भूलना भारी पड़ सकता है। बोलते समय अपनी गलतियों को तुरंत सुधारने (Self-Correction) का प्रयास करें, लेकिन इसे अपनी बातचीत की लय न बिगड़ने दें। आत्मविश्वास (Confidence) और व्याकरण की शुद्धता के बीच एक महीन रेखा होती है जिसे बनाए रखना जरूरी है।
लेखन की तुलना में बोलने में जटिल वाक्यों (Complex Sentences) का प्रयोग थोड़ा कठिन हो सकता है। परीक्षार्थी अक्सर सरल वाक्यों (Simple Sentences) तक ही सीमित रह जाते हैं, जिससे उनकी व्याकरणिक सीमा (Grammatical Range) कम दिखाई देती है। संयोजकों (Connectors) का सही उपयोग करके अपने विचारों को जोड़ना सीखें। एक ही तरह के वाक्य ढांचे का बार-बार प्रयोग आपके स्कोर को सीमित कर सकता है।
अनुचित विराम (Inappropriate Pauses) और फिलर शब्दों (Fillers) जैसे 'uhm', 'like', 'ah' का अत्यधिक प्रयोग व्याकरणिक कमजोरी का संकेत दे सकता है। अपनी आवाज को रिकॉर्ड (Recording) करना और उसे सुनना आपकी कमियों को उजागर करने का सबसे अच्छा तरीका है। विराम चिह्नों का मौखिक रूप से सही उपयोग करना आपकी अभिव्यक्ति (Expression) को स्पष्ट बनाता है। प्रवाह और सटीकता (Accuracy) दोनों ही उच्च स्कोर के लिए अनिवार्य हैं।
प्रश्नों को ध्यान से सुनना ही सही व्याकरण के उपयोग की पहली सीढ़ी है। यदि प्रश्न 'Would' से शुरू हो रहा है, तो उत्तर में भी काल्पनिक स्थिति (Hypothetical Situation) का सही बोध होना चाहिए। व्याकरण के नियमों को रटने के बजाय उन्हें अपनी दैनिक बातचीत (Daily Conversation) का हिस्सा बनाएँ। जितना अधिक आप सहज रहेंगे, व्याकरणिक गलतियाँ उतनी ही कम होंगी।