परीक्षक बहुत अनुभवी होते हैं और वे तुरंत पहचान लेते हैं कि छात्र ने कोई उत्तर रटा (Memorized) हुआ है। यदि आपका उत्तर प्रश्न के संदर्भ (Context) से थोड़ा भी अलग है, तो आपके अंक काट दिए जाएंगे। रटे हुए मुहावरों (Idioms) या भारी-भरकम शब्दों का अप्रासंगिक उपयोग आपकी स्वाभाविकता (Naturalness) को खत्म कर देता है। आपको अपने विचारों को मौलिकता (Originality) के साथ पेश करना चाहिए।
लेखन टास्क 2 में विषय से भटकना (Off-topic) एक सामान्य गलती है। छात्र अक्सर प्रश्न के केवल एक हिस्से पर ध्यान देते हैं और बाकी को नजरअंदाज कर देते हैं। उदाहरण के लिए, यदि प्रश्न फायदे और नुकसान (Advantages and Disadvantages) दोनों पूछ रहा है, तो आपको दोनों पर समान चर्चा करनी चाहिए। अप्रासंगिक जानकारी (Irrelevant Information) जोड़ने से आपका कार्य प्रतिक्रिया (Task Response) का स्कोर गिर जाता है।
बोलने के परीक्षण में यदि आप बहुत अधिक 'Standard' या 'Fixed' वाक्यों का प्रयोग करते हैं, तो आपका प्रवाह कृत्रिम (Artificial) लगता है। परीक्षक आपकी वास्तविक संवाद क्षमता (Communication Ability) का मूल्यांकन करना चाहता है। अपने व्यक्तिगत अनुभवों (Personal Experiences) को साझा करना आपके उत्तरों को अधिक विश्वसनीय और प्रभावशाली बनाता है। रटी हुई भाषा आपकी रचनात्मकता (Creativity) को सीमित कर देती है।
निबंध के परिचय (Introduction) में प्रश्न को शब्द-दर-शब्द (Word for Word) कॉपी करना भी एक बड़ी गलती है। आपको हमेशा शब्दों को अपने तरीके से बदलकर (Paraphrasing) लिखना चाहिए। नकल करना यह दर्शाता है कि आपके पास स्वयं की कोई भाषाई समझ (Linguistic Understanding) नहीं है। जटिल विचारों को सरल लेकिन सटीक शब्दों में व्यक्त करना ही उच्च कुशलता का लक्षण है।
अपनी तैयारी के दौरान विभिन्न विषयों पर स्वतंत्र रूप से विचार (Brainstorming) करने का अभ्यास करें। रटने के बजाय अवधारणाओं (Concepts) को समझने पर जोर दें। जब आप अपनी मूल भाषा की तरह अंग्रेजी का उपयोग करना शुरू करते हैं, तो आपकी अभिव्यक्ति में स्वाभाविकता आती है। मौलिक उत्तर (Original Answers) ही आपको अन्य परीक्षार्थियों से अलग खड़ा करते हैं और बेहतर बैंड दिलाते हैं।