जब मन टूटता है तो सबसे पहले खुद को blame मत करो. हर इंसान कभी न कभी emotional low महसूस करता है. खुद के साथ soft रहना सबसे जरूरी होता है. self-kindness emotional strength की foundation है.
अपने काम और expectations को थोड़ा कम कर दो. ज्यादा दबाव mind को और कमजोर बनाता है. छोटे steps mind को संभालते हैं और confidence धीरे वापस आने लगता है. small progress भी healing देती है.
अपने लिए comfort activities रखो जैसे music, walk या silence. ये mind ko rest देते हैं. rest लेने पर emotional energy वापस build होती है. comfort activities मन को slowly recharge करती हैं.
अपनी feelings किसी trusted इंसान को बताना मदद करता है. जब बातें दिल में रहती हैं तो मन और भारी होता है. लेकिन share करने से pressure कम हो जाता है. लोग support देने के लिए ही होते हैं.
रोज रात तीन positive lines खुद को बोलो. जैसे मैं recover हो रहा हूँ, मैं capable हूँ, मैं संभल सकता हूँ. ये words मन की direction बदलते हैं. थोड़े दिन में mind फिर से strong और clear महसूस होने लगता है.