अपने घर में श्याम बाबा का कीर्तन (Kirtan) आयोजित करना सौभाग्य और सुख-समृद्धि (Prosperity) का सूचक माना जाता है। कीर्तन की शुरुआत हमेशा प्रथम पूज्य भगवान गणेश (Lord Ganesha) के वंदन से करनी चाहिए। इसके बाद गुरु वंदना और फिर बाबा श्याम के स्वागत (Welcome) के भजन गाने चाहिए। घर के कीर्तन के लिए 'आओ जी आओ बाबा' और 'साँवरिया ले लो शरण में' जैसे मधुर भजन (Melodious Bhajans) सबसे उपयुक्त रहते हैं जो वातावरण को शुद्ध करते हैं।
कीर्तन के लिए घर के एक पवित्र कोने में बाबा का सुंदर दरबार (Court) सजाना चाहिए, जिसमें फूलों और इत्र (Perfume) का उपयोग हो। जोत (Holy Flame) जलाकर अखंड ज्योति की स्थापना करना बहुत शुभ होता है। कीर्तन के बीच-बीच में बाबा के जयकारे (Chants) लगाने से भक्तों का उत्साह बना रहता है। आप भजनों के लिए ढोलक, मंजीरा या हारमोनियम (Harmonium) जैसे वाद्य यंत्रों (Musical Instruments) का प्रयोग कर सकते हैं जो लय को और भी सुंदर बनाते हैं।
भजनों का चुनाव ऐसा होना चाहिए जिसमें परिवार के सभी सदस्य और बच्चे भी शामिल हो सकें। 'हम तो बाबा के भरोसे चलते हैं' जैसे सामूहिक भजन (Group Bhajans) एकजुटता का भाव पैदा करते हैं। कीर्तन के दौरान बाबा की मोरछड़ी (Peacock Fan) को भी दरबार में रखना चाहिए। भजन के बोल (Lyrics) स्पष्ट और भावपूर्ण होने चाहिए ताकि हर कोई उनके अर्थ को समझकर ईश्वर से जुड़ सके।
भोजन और प्रसाद (Prasad) की व्यवस्था भी कीर्तन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बाबा श्याम को सवामणी (Savamani) या चूरमे का भोग लगाना परंपरा रही है। कीर्तन के समापन पर आरती (Aarti) और फिर सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण (Distribution) करना चाहिए। घर में भजन होने से नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का नाश होता है और सकारात्मक शक्तियों का संचार होता है।
कीर्तन के दौरान की गई प्रार्थना (Prayer) कभी खाली नहीं जाती। यदि आप खुद भजन नहीं गा सकते, तो आजकल डिजिटल साउंड सिस्टम (Sound System) के माध्यम से भी प्रसिद्ध गायकों के भजन बजाए जा सकते हैं। अंत में, कीर्तन केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह बाबा को अपने घर आमंत्रित करने और उनके साथ समय बिताने का एक जरिया है। इससे घर में शांति और खुशहाली (Happiness) का वास हमेशा बना रहता है।