बच्चों के लिए होली के सामान (Holi Products) खरीदते समय सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मानदंड (Criterion) होना चाहिए। ऐसी पिचकारी (Water Gun) चुनें जिसका प्लास्टिक उच्च गुणवत्ता (High Quality) का हो और उसके किनारे नुकीले न हों। नुकीले किनारों से बच्चों को चोट लगने का डर रहता है, इसलिए गोल और चिकनी सतह वाले खिलौने (Toys) ही बेहतर होते हैं। प्रेशर वाली पिचकारियों का उपयोग सावधानी से करना चाहिए ताकि पानी सीधे आँखों में न लगे।
रंगों के मामले में बच्चों के लिए विशेष रूप से निर्मित 'किड्स-सेफ' (Kids-safe) रंगों का ही प्रयोग करें। ये रंग आमतौर पर मकई के स्टार्च (Corn Starch) और खाद्य रंगों (Food Colors) से बने होते हैं। बच्चों को गुब्बारों (Water Balloons) से खेलने से रोकना चाहिए क्योंकि गुब्बारे लगने से गंभीर चोट (Serious Injury) लग सकती है। उन्हें रंगों के साथ खेलने के सही और सुरक्षित तरीके (Safe Ways) सिखाना माता-पिता की जिम्मेदारी है।
आजकल बाजार में 'मैजिक कलर्स' (Magic Colors) और 'कलर स्प्रे' (Color Spray) उपलब्ध हैं, जो बच्चों को बहुत लुभाते हैं। हालांकि, इनमें अल्कोहल और अन्य विलायक (Solvents) हो सकते हैं जो त्वचा के लिए हानिकारक हैं। स्प्रे के इस्तेमाल से साँस लेने में तकलीफ (Breathing Trouble) हो सकती है, इसलिए हर्बल अबीर (Abeer) को ही प्राथमिकता दें। बच्चों का उत्साह (Enthusiasm) बना रहे, इसके लिए उन्हें चमकीले लेकिन सुरक्षित विकल्पों से जोड़ें।
बच्चों को होली खिलाने से पहले उनके पूरे शरीर पर सनस्क्रीन (Sunscreen) और तेल लगाएँ। धूप में लंबे समय तक रहने और गीले रंगों के संपर्क से उन्हें 'सनबर्न' (Sunburn) हो सकता है। उन्हें फुल आस्तीन के सूती कपड़े (Cotton Clothes) पहनाएं ताकि त्वचा कम से कम उजागर हो। सुरक्षा के ये मापदंड (Standards) उन्हें संक्रमण और बीमारियों से दूर रखते हैं। उनकी मुस्कान ही त्यौहार की असली रौनक (Joy) है।
खेल खत्म होने के बाद बच्चों को नहलाते समय कोमल साबुन या 'बेबी वाश' (Baby Wash) का प्रयोग करें। उनके कान और आँखों के कोनों को सावधानी से साफ करें। यदि त्वचा पर लालिमा या दाने (Rashes) दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों को यह समझाएँ कि होली दूसरों के साथ खुशियाँ साझा (Share Happiness) करने का नाम है। सही मार्गदर्शन (Guidance) के साथ वे इस त्यौहार को सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं।