बच्चों के लिए होली का त्यौहार रंगों के साथ-साथ मनोरंजन और सीखने का भी अवसर है। उनके लिए "छोटा भीम" या "डोरेमोन" जैसे प्रसिद्ध कार्टून पात्रों (Cartoon Characters) पर आधारित होली के गाने बहुत लोकप्रिय (Popular) हैं। ये बाल गीत (Nursery Rhymes) सरल भाषा और तेज लय में होते हैं, जिससे बच्चे आसानी से जुड़ाव महसूस करते हैं। बच्चों के समारोह में संगीत का चयन उनके कोमल मन (Tender Mind) को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
स्कूलों और हाउसिंग सोसायटियों (Housing Societies) में बच्चों के लिए विशेष "होली डांस कॉम्पिटिशन" (Dance Competition) आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के लिए "लकड़ी की काठी" या "बजरंगी भाईजान" का "सेल्फी ले ले रे" जैसे गाने बहुत हिट रहते हैं। गानों के बोल उत्साहपूर्ण और सकारात्मक (Positive) होने चाहिए ताकि बच्चे खेल-खेल में त्यौहार का महत्व समझ सकें। संगीत बच्चों के मानसिक विकास (Mental Development) में भी सहायक होता है।
बच्चों को होली की पौराणिक कहानियाँ (Mythological Stories) गीतों के माध्यम से सुनाना एक बहुत ही रचनात्मक तरीका (Creative Method) है। "भक्त प्रहलाद" और "होलिका" की कथा पर आधारित सरल लोक गीत बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। इससे उन्हें बुराई पर अच्छाई की जीत (Victory of Good over Evil) का संदेश मिलता है। शिक्षा और मनोरंजन (Edutainment) का यह संगम बच्चों के लिए होली को यादगार बना देता है।
संगीत के साथ-साथ बच्चों के लिए 'म्यूजिकल चेयर' (Musical Chair) जैसे खेलों का आयोजन करना चाहिए। इसमें "बुरा न मानो होली है" जैसे छोटे और प्यारे जिंगल्स (Jingles) का प्रयोग किया जा सकता है। बच्चों की सुरक्षा (Safety) का ध्यान रखते हुए गानों की आवाज़ बहुत तेज नहीं होनी चाहिए ताकि उनके कानों को नुकसान न पहुँचे। कोमल स्वर और मधुर धुनें बच्चों को अधिक आनंद (Joy) देती हैं।
अंत में, बच्चों के लिए घर पर बनी "होली प्लेलिस्ट" (Home-made Playlist) में उनके पसंदीदा कविताएँ और गाने शामिल करें। उन्हें खुद गाने और नाचने के लिए प्रोत्साहित (Encourage) करें, जिससे उनका आत्मविश्वास (Confidence) बढ़ेगा। रंगों के साथ बजने वाले ये बाल गीत बचपन की सबसे सुंदर यादें (Beautiful Memories) बन जाते हैं। खुशियों भरा संगीत ही बचपन को रंगीन बनाता है।