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रसमलाई एक ठंडी और क्रीमी मिठाई (Creamy dessert) है जो होली की गर्मी में बहुत राहत देती है। इसके छेना बॉल्स (Chenna balls) बनाने के लिए हमेशा ताजे गाय के दूध (Cow milk) का उपयोग करना चाहिए जिसे नींबू के रस या सिरके से फाड़ा जाता है। छेना को छानने के बाद उसे बहुत अच्छी तरह मैश (Mash) करना जरूरी है ताकि उसमें कोई गांठ न रहे। जितना अधिक आप छेना को मलेंगे, रसमलाई उतनी ही स्पंजी और मुलायम (Soft and spongy) बनेगी।

छेना की छोटी टिक्कियों को उबलते हुए चीनी के पानी (Sugar water) में पकाया जाता है। पकाते समय बर्तन को ढंक कर रखें ताकि भाप के दबाव से टिक्कियाँ फूलकर दुगनी हो जाएँ। उन्हें चाशनी से निकालकर तुरंत बर्फ के पानी (Ice water) में डालने से उनका आकार बना रहता है और वे सिकुड़ती नहीं हैं। यह एक महत्वपूर्ण तकनीक (Essential technique) है जिसे अक्सर पेशेवर शेफ इस्तेमाल करते हैं।

दूध का आधार या 'रस' (Milk syrup) तैयार करने के लिए दूध को आधा होने तक उबालें और उसमें केसर, इलायची व चीनी मिलाएँ। रस को बहुत अधिक गाढ़ा न करें, अन्यथा छेना बॉल्स उसे अंदर तक सोख (Absorb) नहीं पाएंगे। रस का हल्का और तरल होना जरूरी है ताकि वह मिठाई के हर हिस्से में समा जाए। केसर का पीला रंग (Yellow color) इसे देखने में अत्यंत लुभावना बना देता है।

परोसने से पहले रसमलाई को कम से कम 5-6 घंटे के लिए फ्रिज में ठंडा होने दें। ठंडी रसमलाई (Chilled Rasmalai) का स्वाद गर्म की तुलना में कहीं बेहतर होता है। ऊपर से बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ता छिड़कने से इसमें कुरकुरापन (Crunchiness) आता है। होली की शाम को जब मेहमान घर आते हैं, तो यह ठंडी मिठाई उनके स्वागत का सबसे अच्छा जरिया बनती है।

यह मिठाई उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो तली-भुनी चीजों (Fried items) से बचना चाहते हैं। इसमें घी का उपयोग नहीं होता, इसलिए यह पचने में आसान होती है। घर पर बनाई गई रसमलाई की शुद्धता और ताजगी का कोई मुकाबला नहीं है। यह त्यौहार के उल्लास को एक शाही और मीठा समापन (Sweet ending) प्रदान करती है।

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रसमलाई एक ठंडी और क्रीमी मिठाई (Creamy dessert) है जो होली की गर्मी में बहुत राहत देती है। इसके छेना बॉल्स (Chenna balls) बनाने के लिए हमेशा ताजे गाय के दूध (Cow milk) का उपयोग करना चाहिए जिसे नींबू के रस या सिरके से फाड़ा जाता है। छेना को छानने के बाद उसे बहुत अच्छी तरह मैश (Mash) करना जरूरी है ताकि उसमें कोई गांठ न रहे। जितना अधिक आप छेना को मलेंगे, रसमलाई उतनी ही स्पंजी और मुलायम (Soft and spongy) बनेगी।

छेना की छोटी टिक्कियों को उबलते हुए चीनी के पानी (Sugar water) में पकाया जाता है। पकाते समय बर्तन को ढंक कर रखें ताकि भाप के दबाव से टिक्कियाँ फूलकर दुगनी हो जाएँ। उन्हें चाशनी से निकालकर तुरंत बर्फ के पानी (Ice water) में डालने से उनका आकार बना रहता है और वे सिकुड़ती नहीं हैं। यह एक महत्वपूर्ण तकनीक (Essential technique) है जिसे अक्सर पेशेवर शेफ इस्तेमाल करते हैं।

दूध का आधार या 'रस' (Milk syrup) तैयार करने के लिए दूध को आधा होने तक उबालें और उसमें केसर, इलायची व चीनी मिलाएँ। रस को बहुत अधिक गाढ़ा न करें, अन्यथा छेना बॉल्स उसे अंदर तक सोख (Absorb) नहीं पाएंगे। रस का हल्का और तरल होना जरूरी है ताकि वह मिठाई के हर हिस्से में समा जाए। केसर का पीला रंग (Yellow color) इसे देखने में अत्यंत लुभावना बना देता है।

परोसने से पहले रसमलाई को कम से कम 5-6 घंटे के लिए फ्रिज में ठंडा होने दें। ठंडी रसमलाई (Chilled Rasmalai) का स्वाद गर्म की तुलना में कहीं बेहतर होता है। ऊपर से बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ता छिड़कने से इसमें कुरकुरापन (Crunchiness) आता है। होली की शाम को जब मेहमान घर आते हैं, तो यह ठंडी मिठाई उनके स्वागत का सबसे अच्छा जरिया बनती है।

यह मिठाई उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो तली-भुनी चीजों (Fried items) से बचना चाहते हैं। इसमें घी का उपयोग नहीं होता, इसलिए यह पचने में आसान होती है। घर पर बनाई गई रसमलाई की शुद्धता और ताजगी का कोई मुकाबला नहीं है। यह त्यौहार के उल्लास को एक शाही और मीठा समापन (Sweet ending) प्रदान करती है।
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