यदि आप पहली बार कोलम बना रहे हैं, तो बिंदुओं वाली विधि (Dots Method) सबसे सरल और सटीक तरीका है। सबसे पहले फर्श को साफ करके उस पर हल्का पानी छिड़कें और फिर ५x५ या ७x७ का एक बिंदु ग्रिड (Dots Grid) तैयार करें। इन बिंदुओं के बीच समान दूरी रखना अनिवार्य है ताकि डिजाइन में संतुलन (Balance in Design) बना रहे। शुरुआत में आप सरल फूलों या सितारों (Flowers or Stars) की आकृतियों का अभ्यास कर सकते हैं जो पोंगल के माहौल के अनुकूल हों।
बिंदुओं को जोड़ने के लिए अपनी उंगलियों के बीच चावल के आटे को पकड़कर एक लय में रेखाएं (Rhythmic Lines) खींचें। आप 'सिक्कू कोलम' (Sikku Kolam) के बजाय 'नेर कोलम' (Straight Kolam) का चुनाव करें, क्योंकि इसमें रेखाएं सीधी होती हैं और गलतियाँ होने की संभावना कम होती है। पोंगल के लिए विशेष रूप से आप बिंदुओं के ऊपर एक छोटे मटके (Small Pot) की रूपरेखा बना सकते हैं। यह विधि आपको जटिल कला को आसान हिस्सों (Easy Parts) में बांटकर समझने में मदद करती है।
डिजाइन को भरने के लिए आप बारीक लकड़ी की छड़ी या कोलम पेन (Kolam Pen) का उपयोग भी कर सकते हैं यदि आप हाथों से सीधे बनाने में असहज हैं। बिंदुओं के चारों ओर घुमावदार रेखाएं (Curved Lines) बनाने से कोलम में कोमलता और आकर्षण आता है। अभ्यास के साथ आपकी गति और सटीकता (Speed and Accuracy) में सुधार होगा। यह एक रचनात्मक शौक (Creative Hobby) है जिसे आप हर सुबह दोहरा सकते हैं।
कोलम को रंगीन बनाने के लिए आप बिंदुओं के बीच के खाली स्थान में हल्दी (Turmeric) या सिंदूर का प्रयोग कर सकते हैं। इससे डिजाइन में एक पारंपरिक चमक (Traditional Glow) आ जाती है जो पोंगल के त्यौहार के लिए बहुत शुभ है। छोटे बच्चों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करना उन्हें अपनी संस्कृति और धैर्य (Patience and Culture) सिखाने का एक अच्छा तरीका है। सरल डिजाइनों से आत्मविश्वास बढ़ता है और आप धीरे-धीरे बड़े पैटर्न की ओर बढ़ सकते हैं।
याद रखें कि कोलम का मुख्य उद्देश्य सुंदरता से अधिक भक्ति और प्रसन्नता (Devotion and Happiness) साझा करना है। यदि रेखाएं एकदम सीधी न भी हों, तो भी आपकी मेहनत और भाव अधिक महत्वपूर्ण हैं। बिंदुओं वाली यह तकनीक (Dots Technique) गणित और कला का एक सुंदर संगम है। पोंगल के अवसर पर आपका छोटा सा प्रयास भी घर के द्वार को उत्सवपूर्ण (Festive) बना सकता है।