तमिल संस्कृति में एक अत्यंत प्रसिद्ध कहावत है, "थाई पिरंधाल वज़ी पिरक्कम" (Thai Pirandhal Vazhi Pirakkum), जिसका अर्थ है कि थाई महीने के आने से जीवन में नए रास्ते खुलते हैं। पोंगल की तिथि (Pongal Date) हमेशा थाई महीने की पहली तारीख को पड़ती है। इसे सौभाग्य और प्रचुरता (Prosperity and Abundance) का महीना माना जाता है क्योंकि इस समय किसानों के घर नए अनाज से भर जाते हैं। यह महीना अकाल के अंत और समृद्धि के प्रारंभ का सूचक है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार थाई का महीना विवाह (Marriage) और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ है। पोंगल की तिथि इस शुभ महीने की शुरुआत करती है, इसलिए इसे 'थाई निराडल' के रूप में भी पूजा जाता है। इस दिन सूर्य का तेज अपने चरमोत्कर्ष (Zenith) की ओर बढ़ना शुरू करता है, जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाने वाला माना गया है। यह तिथि नई शुरुआत (New Beginnings) के लिए एक आध्यात्मिक अवसर प्रदान करती है।
इतिहास की दृष्टि से भी थाई महीने का पहला दिन विजय और सफलता (Success and Victory) का प्रतीक रहा है। पुराने समय में राजा इस दिन युद्ध विराम की घोषणा करते थे और उत्सव मनाते थे। पोंगल की तिथि पर लोग अपने पुराने ऋणों (Debts) को चुकाते हैं और नए व्यापारिक समझौतों का आरंभ करते हैं। यह समय सामाजिक एकता और नई उम्मीदों (New Hopes) का संचार करने वाला होता है।
इस तिथि का चुनाव इसलिए भी किया गया है क्योंकि यह शीत ऋतु (Winter Season) के सबसे ठंडे दिनों के अंत का संकेत है। सूर्य की बढ़ती गर्मी से जनजीवन में उत्साह लौट आता है और प्रकृति नए रंगों से सज जाती है। पोंगल की तारीख पर पवित्र नदियों (Holy Rivers) में स्नान करना और दान देना मोक्षदायक माना गया है। यह समय आत्म-चिंतन और आत्म-शुद्धि (Self-purification) के लिए अत्यंत अनुकूल है।
संक्षेप में कहें तो थाई महीने का पहला दिन मानवता के लिए एक आशीर्वाद की तरह है। पोंगल की तिथि हमें सिखाती है कि धैर्य और कठिन परिश्रम के बाद सुखद समय (Happy Times) निश्चित रूप से आता है। इस दिन का हर क्षण ऊर्जा और प्रकाश (Light and Energy) से ओतप्रोत होता है। यह तिथि हमें अपनी विरासत और पूर्वजों के ज्ञान (Wisdom of Ancestors) पर गर्व करने का अवसर प्रदान करती है।