इस पावन अवसर पर बनाए जाने वाले व्यंजन पूरी तरह से प्रकृति की शुद्धता और पोषण (Purity and Nutrition) पर आधारित होते हैं। सबसे प्रमुख पकवान 'शर्करा पोंगल' (Chakkara Pongal) है, जो नए चावल, मूँग दाल और शुद्ध गुड़ (Pure Jaggery) से बनाया जाता है। गुड़ में मौजूद आयरन (Iron) और चावल की ऊर्जा शरीर को तुरंत शक्ति प्रदान करती है। यह पकवान सात्विकता और मधुरता (Sweetness and Satvicità) का प्रतीक माना जाता है।
एक अन्य महत्वपूर्ण व्यंजन 'सात सब्जियों की करी' (Seven Vegetable Curry) है, जिसमें मौसमी सब्जियों जैसे कद्दू, बीन्स और शकरकंद का उपयोग होता है। यह विविधता शरीर को आवश्यक विटामिन और खनिज (Vitamins and Minerals) प्रदान करती है। मिट्टी के बर्तनों (Clay Pots) में धीमी आंच पर पकने के कारण भोजन का स्वाद और गुणवत्ता और भी बढ़ जाती है। यह पारंपरिक आहार (Traditional Diet) हमारे पूर्वजों की संतुलित भोजन प्रणाली को दर्शाता है।
ताजे गन्ने का रस (Sugarcane Juice) और नारियल पानी इस उत्सव के दौरान प्रमुख पेय पदार्थ होते हैं। गन्ने की मिठास और ठंडक पाचन तंत्र (Digestive System) के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा, अदरक और हल्दी (Ginger and Turmeric) का उपयोग भोजन में औषधीय गुणों का समावेश करता है। यह आहार न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि रोगों से लड़ने की क्षमता (Immunity) को भी बढ़ाता है।
भोजन में देशी घी (Desi Ghee) और मेवों का भरपूर उपयोग किया जाता है, जो शारीरिक मजबूती के लिए आवश्यक है। केले के पत्तों (Banana Leaves) पर बैठकर भोजन करने की परंपरा भोजन को और भी स्वच्छ और सुगंधित बना देती है। यह वैज्ञानिक रूप से भी सिद्ध है कि केले के पत्ते पर गर्म भोजन करने से उसके एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) भोजन में मिल जाते हैं। यह स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का एक प्राकृतिक तरीका (Natural Way) है।
उझावर थिरुनाल के व्यंजन हमें स्थानीय उत्पादों (Local Products) के उपयोग का संदेश देते हैं। जब हम अपने खेतों में उपजी सामग्री का सेवन करते हैं, तो उसका आनंद दोगुना हो जाता है। यह त्यौहार हमें स्वस्थ जीवनशैली और शुद्ध खान-पान (Healthy Lifestyle and Pure Food) की ओर वापस ले जाता है। इन व्यंजनों की सुगंध और स्वाद पोंगल की स्मृतियों को और भी मधुर बना देते हैं।