माघ बिहू मुख्य रूप से किसानों का त्यौहार है, इसलिए इसमें उपयोग होने वाले अधिकांश उत्पाद सीधे खेतों से आते हैं। 'नया चावल' (New Rice) इस उत्सव का आधार है, जिससे विभिन्न पकवान तैयार किए जाते हैं। इसके साथ ही गन्ना, शकरकंद और अदरक (Sugarcane, Sweet Potato and Ginger) जैसे उत्पादों का प्रचुर मात्रा में उपयोग होता है। ये कृषि उत्पाद (Agricultural Products) भूमि की उर्वरता और प्रकृति के वरदान को प्रदर्शित करते हैं।
बांस और बेंत (Bamboo and Cane) से बनी वस्तुएं माघ बिहू की सजावट और उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 'जापी' (Japi), जो एक पारंपरिक टोपी है, उत्सव के दौरान सम्मान के प्रतीक के रूप में दी जाती है। हस्तनिर्मित टोकरियाँ और बर्तन (Handmade Baskets and Utensils) ग्रामीण कारीगरों के कौशल को दर्शाते हैं। ये हस्तशिल्प (Handicrafts) असम की कलात्मक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का कार्य करते हैं।
पहनावे के क्षेत्र में 'मुगा सिल्क' और 'एरी सिल्क' (Muga and Eri Silk) के वस्त्रों की मांग इस समय बहुत बढ़ जाती है। महिलाएं सुनहरे रंग की 'मेखेला चादर' (Mekhela Chador) पहनती हैं, जो रेशम के धागों से बनी होती है। पुरुषों के लिए 'गामोछा' (Gamosa) पहनना अनिवार्य होता है, जो असमिया पहचान (Assamese Identity) का वैश्विक प्रतीक है। ये वस्त्र न केवल सुंदर होते हैं बल्कि सांस्कृतिक गरिमा (Cultural Dignity) को भी बढ़ाते हैं।
मिट्टी के दीये और मिट्टी के बर्तन (Earthen Lamps and Pots) मेजी और उरुका के दौरान उपयोग किए जाते हैं। 'कुम्हार' (Potters) इस समय बहुत व्यस्त रहते हैं क्योंकि पारंपरिक तरीके से खाना पकाने के लिए मिट्टी के हांडी की मांग बढ़ जाती है। यह स्थानीय व्यापार (Local Trade) को मज़बूती प्रदान करता है। प्राकृतिक रंगों और धागों का उपयोग करके बनाई गई वस्तुएं पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) जीवनशैली को बढ़ावा देती हैं।
बाजारों में इस दौरान विशेष 'बिहू किट' (Bihu Kit) भी उपलब्ध होती है, जिसमें पूजा और पकवान की आवश्यक सामग्री होती है। पीतल के पात्र जैसे 'बाटी' और 'थुगा' (Brass Bowls and Trays) उपहार देने के लिए लोकप्रिय उत्पाद हैं। ये वस्तुएं केवल सजावट का साधन नहीं हैं, बल्कि ये एक समृद्ध जीवनशैली (Rich Lifestyle) और पूर्वजों की सीख का हिस्सा हैं। माघ बिहू के उत्पाद हमारी संस्कृति की जीवंतता का प्रमाण हैं।