गणतंत्र दिवस की परेड (Republic Day Parade) पारंपरिक रूप से विजय चौक (Vijay Chowk) से शुरू होकर कर्तव्य पथ (Kartavya Path) के माध्यम से नेशनल स्टेडियम (National Stadium) तक जाती है। यह आयोजन दिल्ली के दिल में भारत की सैन्य शक्ति (Military Might) और सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) का प्रदर्शन करता है। इस भव्य समारोह को देखने के लिए लाखों लोग हर साल एकत्रित होते हैं।
परेड के लिए टिकट की बुकिंग (Ticket Booking) अब पूरी तरह से ऑनलाइन मोड (Online Mode) में उपलब्ध है। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) द्वारा शुरू किए गए 'आमंत्रण' पोर्टल (Aamantran Portal) के माध्यम से नागरिक अपनी पसंद की सीट आरक्षित कर सकते हैं। इसके लिए पहचान पत्र (Identity Card) के रूप में आधार कार्ड (Aadhaar Card) का होना अनिवार्य है।
टिकटों की श्रेणी (Categories of Tickets) अलग-अलग कीमतों पर आधारित होती है ताकि समाज का हर वर्ग इसे देख सके। आमतौर पर ₹20, ₹100 और ₹500 के टिकट उपलब्ध होते हैं, जो पहले आओ-पहले पाओ (First Come First Served) के आधार पर दिए जाते हैं। बुकिंग प्रक्रिया गणतंत्र दिवस से लगभग एक सप्ताह पहले शुरू हो जाती है।
समारोह के दिन सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) अत्यंत कड़ी होती है, इसलिए दर्शकों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है। दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) सेवाओं में भी सुरक्षा कारणों से कुछ स्टेशनों पर प्रवेश और निकास (Entry and Exit) पर प्रतिबंध रहता है। परेड स्थल पर मोबाइल फोन और कैमरों के उपयोग पर भी विशेष निर्देश (Special Instructions) लागू होते हैं।
कर्तव्य पथ (Kartavya Path) के सौंदर्यीकरण के बाद अब पर्यटकों (Tourists) के बैठने की व्यवस्था अधिक सुगम और आधुनिक हो गई है। डिजिटल पास (Digital Pass) के कारण प्रवेश प्रक्रिया अब पहले से अधिक तेज और पारदर्शी (Transparent) हो गई है। यह आयोजन भारत के गौरव और अनुशासन (Discipline) का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करता है।