भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) 2002 के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) फहराते समय केसरिया रंग (Saffron Color) हमेशा ऊपर होना चाहिए। ध्वज को कभी भी उल्टा नहीं फहराया जा सकता और न ही इसे जमीन या पानी से स्पर्श (Touch) कराया जा सकता है। तिरंगा हमेशा सम्मानजनक स्थिति (Honorable Position) में होना चाहिए और इसे किसी भी अन्य ध्वज से नीचे नहीं रखा जाना चाहिए।
ध्वज फहराने की प्रक्रिया (Flag Hoisting Process) में यह ध्यान रखना आवश्यक है कि झंडा साफ-सुथरा और फटा हुआ न हो। यदि तिरंगा क्षतिग्रस्त (Damaged) हो जाता है, तो उसे पूरे सम्मान के साथ निजी तौर पर नष्ट कर दिया जाना चाहिए। 2022 के संशोधनों (Amendments) के बाद, अब नागरिक अपने घरों पर दिन और रात दोनों समय झंडा फहरा सकते हैं, बशर्ते वह खुले स्थान (Open Space) पर हो।
राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) फहराने के बाद सभी व्यक्तियों को सावधान (Attention) की मुद्रा में खड़े होकर इसे सलामी देनी चाहिए। जब तिरंगा फहराया जाता है, तो राष्ट्रीय गान (National Anthem) बजाना या गाना एक अनिवार्य परंपरा (Tradition) है। यह राष्ट्र के प्रति हमारी निष्ठा और गौरव (Pride) को प्रदर्शित करने का एक तरीका है।
वाहन पर झंडा लगाने के भी विशेष नियम (Vehicle Rules) हैं; यह केवल विशिष्ट संवैधानिक अधिकारियों (Constitutional Authorities) की कारों पर ही लगाया जा सकता है। आम नागरिक अपनी गाड़ियों पर तिरंगा नहीं लगा सकते। साथ ही, झंडे का उपयोग किसी भी प्रकार के परिधान (Apparel), वर्दी या सजावट की सामग्री के रूप में करना कानूनी रूप से प्रतिबंधित (Prohibited) है।
ध्वज फहराते समय स्तंभ (Flagpole) की स्थिति भी महत्वपूर्ण है; यह हमेशा सीधा और मजबूत (Strong) होना चाहिए। झंडे को कभी भी झुकाकर नहीं फहराया जाता, सिवाय उन अवसरों के जब सरकार द्वारा राजकीय शोक (National Mourning) घोषित किया गया हो। इन नियमों का पालन करना हर भारतीय का मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duty) है।