बीटिंग रिट्रीट का आधुनिक आकर्षण (Modern Attraction) रात के समय होने वाली प्रकाश व्यवस्था और ड्रोन शो है। जैसे ही समारोह समाप्त होने की ओर बढ़ता है, रायसीना हिल्स (Raisina Hills) की ऐतिहासिक इमारतों को हजारों एलईडी बल्बों (LED Bulbs) से रोशन कर दिया जाता है। रोशनी का यह जादुई प्रभाव (Magical Effect) राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को एक भव्य रूप प्रदान करता है।
हाल के वर्षों में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के सहयोग से 1,000 से अधिक ड्रोनों (Drones) का शानदार शो आयोजित किया जा रहा है। ये ड्रोन (Drones) आकाश में विभिन्न आकृतियाँ जैसे तिरंगा, चक्र और नक्शे बनाकर भारत की तकनीकी शक्ति (Technological Power) का प्रदर्शन करते हैं। यह शो 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल की सफलता का एक जीवंत प्रमाण है।
ड्रोन शो के लिए परिष्कृत सॉफ्टवेयर (Sophisticated Software) और प्रोग्रामिंग का उपयोग किया जाता है ताकि सभी ड्रोन एक निश्चित समन्वय (Coordination) में उड़ सकें। यह तकनीक भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में खड़ा करती है जिनके पास इतनी उन्नत एरियल डिस्प्ले (Aerial Display) क्षमता है। दर्शक इस डिजिटल कलाकारी (Digital Artistry) को देखकर दंग रह जाते हैं।
लेजर प्रोजेक्शन मैपिंग (Laser Projection Mapping) के माध्यम से इमारतों की दीवारों पर भारत के गौरवशाली इतिहास और वीरता की कहानियों को दिखाया जाता है। प्रकाश और ध्वनि (Light and Sound) का यह मेल एक ऐसा अनुभव प्रदान करता है जो दर्शकों के मानस पटल पर हमेशा के लिए अंकित हो जाता है। यह नवाचार (Innovation) परंपरा के साथ आधुनिकता के जुड़ाव को स्पष्ट करता है।
समारोह का यह तकनीकी हिस्सा (Technical Segment) युवाओं को विज्ञान और रक्षा प्रौद्योगिकी (Defense Technology) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है। जब आसमान में रोशनी से सजे ड्रोन भारत की उपलब्धियों को दर्शाते हैं, तो वह आत्मनिर्भर भारत (Self-reliant India) के संकल्प को दोहराता है। यह रोशनी देश के उज्ज्वल भविष्य और प्रगति का संदेश देती है।