स्कूल के मंच की सजावट (Stage Decoration) उत्सव की गरिमा को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाती है। सजावट का आधार मुख्य रूप से तिरंगे के तीन रंग—केसरिया, सफेद और हरा होना चाहिए। इसके लिए साटन के कपड़ों (Satin Fabrics) या रंगीन पर्दों का उपयोग करके एक सुंदर पृष्ठभूमि (Background) तैयार की जा सकती है। मंच के बीचों-बीच अशोक चक्र (Ashok Chakra) का एक बड़ा मॉडल लगाना पूरी शोभा में चार चाँद लगा देता है।
प्राकृतिक फूलों (Natural Flowers) का उपयोग करके मंच के किनारों को सजाना एक बहुत ही सुंदर और पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) तरीका है। गेंदे के नारंगी फूल और सफेद चमेली या गुलाब का उपयोग करके तिरंगे जैसी मालाएं बनाई जा सकती हैं। फूलों की खुशबू और उनकी ताजगी (Freshness) पूरे वातावरण को सकारात्मक और मांगलिक बना देती है। प्रवेश द्वार पर रंगोली (Rangoli) बनाना भी एक पारंपरिक और कलात्मक (Artistic) विचार है।
सजावट में गुब्बारों (Balloons) का उपयोग बच्चों और बड़ों दोनों को आकर्षित करता है। तिरंगे के रंगों वाले गुब्बारों के गुच्छे मंच के कोनों पर लगाए जा सकते हैं। इसके साथ ही, चार्ट पेपर से काटकर बनाए गए स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र और उनके प्रेरक नारे (Inspirational Slogans) दीवारों पर लगाए जाने चाहिए। यह न केवल सजावट का हिस्सा हैं, बल्कि आने वाले लोगों के लिए शिक्षाप्रद (Educational) भी होते हैं।
प्रकाश व्यवस्था (Lighting System) भी डेकोरेशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंच पर ऐसी लाइटें लगाई जानी चाहिए जो मुख्य प्रदर्शन (Performance) और वक्ताओं को स्पष्ट रूप से दिखाएं। तिरंगे के रंगों वाली एलईडी स्ट्रिप्स (LED Strips) का उपयोग रात या शाम के कार्यक्रमों में अद्भुत प्रभाव पैदा करता है। रोशनी का सही चुनाव मंच को भव्य और गरिमामय (Dignified) लुक देता है।
छात्रों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प (Handicrafts) और पेंटिंग्स को भी सजावट में शामिल किया जाना चाहिए। इससे छात्रों को प्रोत्साहन (Encouragement) मिलता है और उनकी कला का प्रदर्शन भी हो जाता है। मिट्टी के दीपक (Earthen Lamps) या सजावटी मोमबत्तियाँ मंच के चारों ओर रखने से एक पवित्र वातावरण (Holy Atmosphere) बनता है। इस प्रकार, एक सोची-समझी सजावट गणतंत्र दिवस के महत्व को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है।