प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए भाषण का विषय बहुत ही सरल और प्रभावशाली (Impressive) होना चाहिए। शुरुआत सम्मानजनक संबोधन से करनी चाहिए, जिसमें आदरणीय प्रधानाचार्य और शिक्षकों को नमन किया जाए। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि 26 जनवरी का दिन हमारे देश के लिए क्यों गौरवशाली (Glorious) है। भाषण में इस बात का जिक्र होना चाहिए कि इसी दिन हमारा अपना कानून यानी संविधान (Constitution) लागू हुआ था, जिसने हमें एक आजाद और महान गणतंत्र (Republic) बनाया।
छोटे बच्चों के भाषण में 'जय हिंद' और 'भारत माता की जय' जैसे नारों (Slogans) का समावेश होना चाहिए ताकि सुनने वालों में जोश भर जाए। उन्हें यह बताना चाहिए कि हमारे राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) के तीन रंग हमें क्या सिखाते हैं। जैसे केसरिया साहस (Courage), सफेद शांति और हरा रंग समृद्धि (Prosperity) का प्रतीक है। शब्दों का चुनाव ऐसा हो जिसे बच्चे आसानी से याद कर सकें और मंच पर बिना डरे बोल सकें।
भाषण के बीच में महापुरुषों जैसे महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) के नाम का उल्लेख करना चाहिए। इससे बच्चों को हमारे नायकों के प्रति सम्मान (Respect) व्यक्त करने की प्रेरणा मिलती है। सरल भाषा में यह संदेश देना चाहिए कि हमें अपने स्कूल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना चाहिए। एक छोटा सा बच्चा भी अपने अच्छे व्यवहार से देश की सेवा (Service to Nation) कर सकता है, यह बात उनके मन में बैठानी चाहिए।
शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को शारीरिक हाव-भाव (Body Language) के साथ बोलना सिखाएं। भाषण के दौरान आत्मविश्वास (Confidence) और चेहरे पर मुस्कान होना बहुत जरूरी है। छोटे बच्चों को बहुत लंबे वाक्यों के बजाय छोटे और अर्थपूर्ण वाक्य (Meaningful Sentences) देने चाहिए। इससे वे मंच पर अपनी बात को अधिक स्पष्टता (Clarity) के साथ रख पाएंगे और दर्शकों का दिल जीत लेंगे।
अंत में, बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए उनके भाषण को एक सकारात्मक संकल्प (Positive Resolve) के साथ समाप्त करना चाहिए। उन्हें यह शपथ दिलानी चाहिए कि वे खूब पढ़ेंगे और एक अच्छे इंसान बनेंगे। गणतंत्र दिवस का यह उत्सव केवल एक छुट्टी नहीं, बल्कि खुशियाँ बांटने और तिरंगे का सम्मान करने का दिन है। इस प्रकार का भाषण न केवल बच्चों के लिए सरल होगा, बल्कि यह श्रोताओं के मन पर भी गहरी छाप छोड़ेगा।