फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) जैसे विजुअल प्लेटफॉर्म्स पर संत रविदास जयंती (Sant Ravidas Jayanti) के लिए ऐसे कोट्स (Quotes) चुने जाते हैं जो दिखने में सुंदर और पढ़ने में गहरे हों। "प्रभु जी तुम चंदन हम पानी" (Lord You are Sandalwood) वाली पंक्तियाँ इंस्टाग्राम रिल्स और पोस्ट के लिए सबसे ज्यादा उपयोग की जाती हैं। यह पद ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण (Surrender) को दर्शाता है, जिसे लोग अपनी स्टोरी (Stories) में लगाना बहुत पसंद करते हैं। यह भक्ति रस (Devotional Essence) से भरा एक कालजयी कोट है।
फेसबुक पर लंबी पोस्ट लिखने वाले लोग अक्सर गुरु जी की सामाजिक क्रांति (Social Revolution) और उनके द्वारा रचित "बेगमपुरा" (Begampura) के बारे में चर्चा करते हैं। "ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिलै सबन को अन्न" (A kingdom where everyone gets food) वाला कोट सामाजिक कल्याण और समानता का सबसे बड़ा उदाहरण है। इसे जयंती पर साझा करना प्रशासनिक और राजनैतिक (Administrative and Political) पदों पर बैठे लोगों के बीच भी बहुत लोकप्रिय है। यह कोट एक लोक-कल्याणकारी समाज (Welfare Society) की कल्पना को साकार करता है।
युवा पीढ़ी के लिए "जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात" (Caste within Caste) वाला कोट एक बड़ा संदेश है। इंस्टाग्राम (Instagram) पर इन्फोग्राफिक्स के जरिए लोग इस बात को समझाते हैं कि कैसे जातिवाद समाज को खोखला कर रहा है। गुरु जी के ये शब्द एकता (Unity) और अखंडता का प्रतीक हैं, जिन्हें जयंती पर डिजिटल कोट्स (Digital Quotes) के रूप में फैलाया जाता है। यह समाज में सकारात्मक बदलाव (Positive Change) लाने का एक आधुनिक तरीका है।
भक्तिपूर्ण कोट्स (Devotional Quotes) में "हरि सा हीरा छाँड़ि कै, करै आन की आस" जैसे वाक्य भी बहुत प्रसिद्ध हैं। यह हमें सिखाते हैं कि असली हीरा ईश्वर का नाम है और उसे छोड़कर सांसारिक मोह-माया (Worldly Illusion) के पीछे भागना व्यर्थ है। ऐसे कोट्स को लोग अपने स्टेटस और पोस्ट में लगाकर आध्यात्मिक जागृति (Spiritual Awakening) का संदेश देते हैं। यह मन को शांत करने और जीवन की प्राथमिकताओं (Life Priorities) को समझने में मदद करता है।
इंटरनेट पर गुरु रविदास जयंती के कोट्स (Jayanti Quotes) की खोज करते समय लोग अक्सर हिंदी और अंग्रेजी (Hindi and English) के मिश्रण वाले संदेश भी ढूंढते हैं। हालांकि, शुद्ध देवनागरी (Devnagari) में लिखे गए पदों का अपना एक अलग ही प्रभाव और गरिमा होती है। "संत शिरोमणि रविदास जयंती की शुभकामनाएँ" जैसे संदेशों के साथ गुरु जी की वाणी का कोई भी अंश जोड़ना आपकी सोशल मीडिया प्रोफाइल (Social Media Profile) की शोभा बढ़ा देता है। यह पर्व हमें महान विचारों के साथ जुड़ने का एक पावन अवसर प्रदान करता है।