आंगनवाड़ी भर्ती पाठ्यक्रम (Anganwadi Syllabus) को इस तरह तैयार किया गया है कि यह उम्मीदवार के सर्वांगीण ज्ञान (Comprehensive Knowledge) का परीक्षण कर सके। इसमें 'पोषण और स्वास्थ्य' (Nutrition and Health) सबसे महत्वपूर्ण विषय है। इसके अंतर्गत संतुलित आहार (Balanced Diet), विभिन्न विटामिन्स की कमी से होने वाले रोग और गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) की देखभाल से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। शिशुओं के स्वास्थ्य और उनके विकास की विभिन्न अवस्थाओं (Stages of Development) की जानकारी होना भी अनिवार्य है।
दूसरे प्रमुख विषय के रूप में 'सामाजिक कल्याण' (Social Welfare) खंड को रखा गया है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) जैसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) का विवरण शामिल होता है। इसके अलावा बाल विवाह रोकथाम अधिनियम और घरेलू हिंसा (Domestic Violence) से संबंधित कानूनी जानकारियों (Legal Awareness) पर भी प्रश्न आते हैं। यह खंड यह सुनिश्चित करता है कि भावी कार्यकर्ता समाज के प्रति जागरूक (Aware) हो।
पाठ्यक्रम (Syllabus) में 'सामान्य मानसिक क्षमता' (General Mental Ability) को भी स्थान दिया गया है। इसमें कोडिंग-डिकोडिंग (Coding-Decoding), रक्त संबंध (Blood Relations) और अंक श्रृंखला (Number Series) जैसे विषय होते हैं। यह उम्मीदवार की विश्लेषणात्मक सोच (Analytical Thinking) को परखने के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही सामान्य विज्ञान (General Science) के बुनियादी सिद्धांतों और मानव शरीर की संरचना (Human Anatomy) से जुड़े सरल प्रश्न भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होते हैं।
भाषा के अंतर्गत हिंदी और क्षेत्रीय भाषा (Regional Language) के व्याकरण (Grammar) का ज्ञान होना आवश्यक है। इसमें मुहावरे, विलोम शब्द और पर्यायवाची शब्दों की समझ जाँची जाती है। सामान्य ज्ञान (General Knowledge) में भारत का भूगोल, इतिहास और भारतीय संविधान (Indian Constitution) की बुनियादी बातों को शामिल किया जाता है। कंप्यूटर साक्षरता (Computer Literacy) के तहत एमएस ऑफिस (MS Office) और इंटरनेट (Internet) के सामान्य उपयोग की जानकारी भी पूछी जा सकती है।
तैयारी शुरू करने से पहले उम्मीदवारों को इस विस्तृत पाठ्यक्रम (Detailed Syllabus) का प्रिंट निकाल लेना चाहिए। प्रत्येक विषय के लिए अलग-अलग समय (Time Allocation) निर्धारित करके पढ़ाई करना सफलता की कुंजी है। नियमित रूप से मॉक टेस्ट (Mock Test) देना और महत्वपूर्ण बिंदुओं के नोट्स (Notes) बनाना परीक्षा में आत्मविश्वास बढ़ाता है। यह पाठ्यक्रम न केवल परीक्षा पास करने में मदद करता है, बल्कि भविष्य में नौकरी के दौरान आने वाली चुनौतियों के लिए भी मानसिक रूप से तैयार (Mentally Prepared) करता है।