आंगनवाड़ी विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए सीधी भर्ती (Direct Recruitment) की प्रक्रिया पूरी तरह से अंक आधारित (Point Based) प्रणाली पर काम करती है। इसमें उम्मीदवारों को उनके हाई स्कूल (High School), इंटरमीडिएट (Intermediate) और स्नातक (Graduation) की परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर अंक दिए जाते हैं। विभाग एक विशेष अंकन पद्धति (Scoring Method) अपनाता है, जिसमें उच्च शैक्षणिक योग्यता (Higher Educational Qualification) रखने वाली महिलाओं को अतिरिक्त वरीयता (Preference) मिलने की संभावना रहती है। इस पारदर्शी चयन प्रक्रिया (Transparent Selection Process) का उद्देश्य सबसे योग्य आवेदकों को चुनना है।
चयन समिति (Selection Committee) द्वारा मेरिट लिस्ट (Merit List) तैयार करते समय सामाजिक स्थिति को भी एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। यदि कोई आवेदिका विधवा (Widow), तलाकशुदा (Divorced) या गरीबी रेखा से नीचे (Below Poverty Line - BPL) श्रेणी से संबंधित है, तो उन्हें नियमानुसार अतिरिक्त अंक या बोनस (Bonus) प्रदान किया जाता है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों (Underprivileged Sections) की महिलाओं को रोजगार (Employment) के समान और बेहतर अवसर मिल सकें। आरक्षण (Reservation) के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए ही सूची को अंतिम रूप दिया जाता है।
स्थानीय निवास (Local Residence) की शर्त मेरिट निर्धारण में सबसे बड़ा निर्णायक (Deciding) मोड़ साबित होती है। नियम यह है कि आवेदिका को उसी वार्ड या ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) का निवासी होना चाहिए जहाँ केंद्र (Center) स्थित है। यदि दो उम्मीदवारों के शैक्षणिक अंक (Academic Marks) बिल्कुल बराबर होते हैं, तो उस स्थिति में अधिक आयु (Higher Age) वाली महिला को वरीयता दी जाती है। यदि आयु भी समान हो, तो उच्च शैक्षणिक डिग्री (Higher Degree) प्राप्त उम्मीदवार को सूची में ऊपर रखा जाता है। यह स्थानीयता (Locality) सुनिश्चित करती है कि कार्यकर्ता समुदाय के साथ बेहतर सामंजस्य (Coordination) बना सके।
अनंतिम मेरिट सूची (Provisional Merit List) तैयार होने के बाद इसे जिला प्रशासन की वेबसाइट और ब्लॉक कार्यालय (Block Office) के सूचना पट्ट पर चस्पा किया जाता है। उम्मीदवारों को अपनी स्थिति (Status) जाँचने के लिए एक निश्चित समय दिया जाता है, जिसके दौरान वे किसी भी त्रुटि या विसंगति (Discrepancy) के विरुद्ध अपनी आपत्ति (Objection) दर्ज करा सकते हैं। आपत्तियों के निस्तारण (Disposal of Objections) के बाद ही अंतिम चयन सूची (Final Selection List) जारी की जाती है। यह त्रि-स्तरीय जाँच प्रक्रिया (Three-tier Verification) भर्ती में किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश को समाप्त कर देती है।
एक बार जब अंतिम सूची में नाम स्वीकृत (Approved) हो जाता है, तो चयनित उम्मीदवारों को स्वास्थ्य परीक्षण (Medical Examination) और पुलिस सत्यापन (Police Verification) की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बाद ही उन्हें नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) प्रदान किया जाता है और संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र (Anganwadi Center) पर कार्यभार (Charge) ग्रहण करने के लिए कहा जाता है। यह सुव्यवस्थित चयन प्रणाली (Selection System) ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल जनशक्ति (Skilled Manpower) की उपलब्धता सुनिश्चित करती है। इस प्रकार, मेरिट आधारित भर्ती न केवल निष्पक्षता लाती है बल्कि बाल विकास सेवाओं (Child Development Services) की गुणवत्ता को भी बढ़ाती है।