ईस्टर संडे (Easter Sunday) ईसाई धर्म (Christianity) का सबसे महत्वपूर्ण और हर्षोल्लास का पर्व है, जो प्रभु यीशु मसीह (Lord Jesus Christ) के पुनरुत्थान (Resurrection) की स्मृति में मनाया जाता है। बाइबिल (Bible) के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन क्रूस पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु मसीह मृत अवस्था से पुनर्जीवित (Resurrected) हो गए थे। यह घटना दर्शाती है कि मृत्यु (Death) पर जीवन की और अंधकार पर प्रकाश की पूर्ण विजय हुई है। ईस्टर का यह दिन विश्वासियों के लिए नई आशा (New Hope) और शाश्वत जीवन (Eternal Life) का प्रतीक माना जाता है।
इस पवित्र दिन (Holy Day) की तैयारी चालीस दिनों के उपवास और प्रार्थना के साथ की जाती है, जिसे चालीसा काल (Lent Season) कहते हैं। ईस्टर का आगमन शोक के समय के अंत और आनंद के नए युग (New Era of Joy) की शुरुआत का संकेत है। गिरजाघरों (Churches) में इस दिन विशेष सुबह की प्रार्थना सभाएं (Sunrise Services) आयोजित की जाती हैं। भक्तगण "मसीह जी उठा है" (Christ is Risen) के नारों के साथ एक-दूसरे को बधाई देते हैं और खुशियां मनाते हैं।
धार्मिक रूप से ईस्टर (Easter) हमें यह सिखाता है कि सत्य और पवित्रता को कभी भी दबाया नहीं जा सकता। यीशु मसीह का जी उठना (Resurrection of Christ) इस बात का प्रमाण है कि वे स्वयं ईश्वर के पुत्र (Son of God) थे। यह पर्व ईसाई विश्वास (Christian Faith) की नींव है, क्योंकि यदि पुनरुत्थान नहीं होता, तो सुसमाचार का प्रचार अधूरा रह जाता। विश्वासियों के लिए यह दिन पापों से मुक्ति (Redemption from Sins) और ईश्वर के साथ मेल-मिलाप का महान अवसर है।
ईस्टर (Easter) के दौरान अंडे (Easter Eggs) और खरगोश (Easter Bunny) जैसे प्रतीकों का उपयोग किया जाता है, जो नए जीवन (New Life) और प्रजनन क्षमता को दर्शाते हैं। लोग अपने घरों और गिरजाघरों को फूलों और रोशनी से सजाते हैं। विशेष दावतों (Feasts) का आयोजन किया जाता है और गरीबों को दान दिया जाता है। यह दिन परिवार और समाज में भाईचारे (Brotherhood) और प्रेम का संदेश फैलाने के लिए समर्पित है, जहाँ हर कोई प्रभु की महिमा का गुणगान करता है।
ईस्टर संडे (Easter Sunday) की तिथि हर साल बदलती रहती है क्योंकि यह चंद्र कैलेंडर (Lunar Calendar) पर आधारित होती है। वसंत ऋतु के आगमन के समय मनाया जाने वाला यह त्योहार प्रकृति के नवीनीकरण (Renewal of Nature) के साथ भी मेल खाता है। प्रभु यीशु का पुनरुत्थान (Resurrection of Jesus) हमें यह भरोसा दिलाता है कि जीवन की कठिन परिस्थितियों के बाद हमेशा एक नई सुबह आती है। यह पर्व दुनिया भर के करोड़ों लोगों के लिए आत्मिक शक्ति (Spiritual Strength) का मुख्य स्रोत है।