ईस्टर दिवस (Easter Day) पर दुनिया भर में विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं (Cultural and Religious Traditions) निभाई जाती हैं। भारत में ईसाई परिवार सुबह जल्दी उठकर चर्च जाते हैं और वहां प्रभु के जी उठने की विशेष आराधना (Special Worship) में भाग लेते हैं। प्रार्थना के बाद लोग एक-दूसरे के घर जाकर मिठाइयां और पकवान साझा करते हैं। इस दिन घरों में 'ईस्टर बन्स' (Easter Buns) और विशेष मांसाहारी व्यंजनों का सेवन किया जाता है, क्योंकि यह लंबे उपवास (Lent) के अंत का प्रतीक है।
पश्चिमी देशों में 'ईस्टर एग हंट' (Easter Egg Hunt) बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय है। लोग अंडों को चमकीले रंगों (Bright Colors) से सजाते हैं, जो पुनर्जन्म (Rebirth) का प्रतिनिधित्व करते हैं। माना जाता है कि जिस तरह अंडे के कठोर आवरण को तोड़कर नया जीवन बाहर आता है, उसी तरह यीशु कब्र से बाहर आए थे। खरगोश (Easter Bunny) को भी नए जीवन और उर्वरता का प्रतीक मानकर बच्चों को खिलौने और चॉकलेट (Chocolates) बांटी जाती हैं।
कई चर्चों में ईस्टर की पूर्व संध्या पर 'विजिल सर्विस' (Vigil Service) आयोजित की जाती है, जो आधी रात तक चलती है। इसमें मोमबत्तियां जलाकर अंधकार को दूर किया जाता है, जो मसीह की ज्योति (Light of Christ) के आगमन को दर्शाता है। बपतिस्मा (Baptism) यानी दीक्षा की रस्म के लिए भी ईस्टर संडे (Easter Sunday) को सबसे उत्तम दिन माना जाता है, जहाँ नए विश्वासी अपने पुराने जीवन को छोड़कर मसीह में नए जीवन की शुरुआत करते हैं।
खान-पान में 'मेमने का मांस' (Lamb Meat) खाना एक पुरानी परंपरा है, जो यीशु को 'ईश्वर का मेमना' (Lamb of God) मानने से जुड़ी है। परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन (Family Dinner) करते हैं और पुरानी कड़वाहटों को भुलाकर मेल-मिलाप करते हैं। ईस्टर (Easter) का यह उत्सव सामुदायिक एकता (Community Unity) और प्रेम को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। लोग इस दिन नए वस्त्र पहनते हैं जो आंतरिक शुद्धता (Internal Purity) का प्रदर्शन करते हैं।
ईस्टर (Easter) की परंपराएं हमें दान और उदारता (Generosity) का भी पाठ पढ़ाती हैं। लोग अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में जाकर भोजन और उपहार बांटते हैं। यह दिन केवल अपनी खुशियां मनाने का नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी मुस्कान लाने का है। मसीह का पुनरुत्थान (Resurrection of Christ) हमें सिखाता है कि हम दूसरों के लिए जिएं और समाज में शांति (Peace) स्थापित करें। ईस्टर की ये रस्में पीढ़ियों से विश्वास की मशाल को जलाए रखने में सहायक सिद्ध हुई हैं।