संगीत और नृत्य पंजाब की आत्मा (Soul of Punjab) हैं, और नए साल के आगमन पर यह अपने चरम पर होते हैं। ढोल की थाप सुनते ही हर पंजाबी का पैर थिरकने लगता है। 'भांगड़ा' (Bhangra) मुख्य रूप से पुरुषों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है जो फसलों की कटाई और नए साल (New Year) की खुशी को प्रकट करता है। इसमें ऊर्जा, जोश और मर्दानगी (Energy and Masculinity) का अद्भुत प्रदर्शन होता है, जो दर्शकों को भी थिरकने पर मजबूर कर देता है।
महिलाएं इस अवसर पर 'गिद्धा' (Giddha) डालती हैं, जो एक बहुत ही लयबद्ध और सुंदर नृत्य है। इसमें तालियों की गूंज और 'बोलियां' (Couplets) सामाजिक विषयों, हंसी-मजाक और ईश्वर की भक्ति पर आधारित होती हैं। गिद्धा (Giddha) के माध्यम से महिलाएं अपनी भावनाओं को व्यक्त करती हैं और सामूहिक एकता का परिचय देती हैं। यह लोक नृत्य पंजाबी नव वर्ष (Punjabi New Year) की शाम को रंगीन और यादगार (Memorable) बना देते हैं।
ढोल (Dhol) इस पूरे उत्सव का केंद्र बिंदु होता है। ढोल की अलग-अलग ताल, जैसे 'धमाल' (Dhamal), खुशियों के विभिन्न स्तरों को दर्शाती हैं। लोक संगीत (Folk Music) में इस्तेमाल होने वाले वाद्य यंत्र जैसे तुंबी, चिमटा और अलगोजा एक अनूठा संगीत (Unique Music) पैदा करते हैं जो पंजाब की मिट्टी की खुशबू फैलाता है। नए साल के गीतों में अक्सर गुरुओं की महिमा और पंजाब की बहादुरी (Bravery of Punjab) के किस्से सुनाए जाते हैं।
आजकल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर (Globally) भी पंजाबी संगीत और नृत्य को बहुत पसंद किया जाता है। दुनिया के बड़े शहरों जैसे लंदन, टोरंटो और सिडनी में भी पंजाबी नव वर्ष (Punjabi New Year) के मौके पर बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural Events) का आयोजन होता है। युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं को आधुनिक पॉप संगीत (Pop Music) के साथ जोड़कर पेश करती है। यह वैश्विक पहचान पंजाबी समुदाय के सांस्कृतिक गौरव (Cultural Pride) को और बढ़ाती है।
नृत्य और संगीत का यह उत्सव मनोवैज्ञानिक रूप से (Psychologically) भी बहुत लाभदायक है क्योंकि यह तनाव दूर कर मन में नई आशा जगाता है। जब लोग एक साथ मिलकर नाचते और गाते हैं, तो सामाजिक दूरियां खत्म हो जाती हैं। नया साल (New Year) हमें अपनी कला और विरासत को संजोने का संदेश देता है। बैसाखी की रात को जलने वाली अलाव (Bonfire) के चारों ओर झूमते लोग वास्तव में एक नए और उज्ज्वल भविष्य (Bright Future) का स्वागत कर रहे होते हैं।