अंबेडकर जयंती संदेश (Ambedkar Jayanti Messages) लिखते समय भाषा सरल परंतु प्रभावी (Simple yet Effective) होनी चाहिए। संदेश में उनके द्वारा दलितों और महिलाओं के लिए किए गए सुधारों (Reforms) का उल्लेख करना चाहिए। "संविधान के शिल्पकार को याद करते हुए, आइए हम समानता का मार्ग चुनें" जैसे वाक्य फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम पर बहुत अधिक पसंद किए जाते हैं। संदेश की शुरुआत उनके किसी प्रसिद्ध नारे (Slogan) से करना पाठकों का ध्यान खींचने का एक अच्छा तरीका है।
प्रभावी संदेशों में अक्सर उनके द्वारा दिए गए 'तीन रत्न' यानी स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व का जिक्र होता है। इन संदेशों को तैयार करते समय ग्राफिक्स (Graphics) और नीले रंग की थीम का उपयोग करना उचित रहता है। "अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले महामानव को नमन" जैसे संदेश धार्मिक कट्टरता के विरुद्ध तार्किकता (Rationality) का संदेश देते हैं। ऐसे संदेश समाज में सकारात्मकता और चेतना (Consciousness) का संचार करते हैं।
ट्विटर (Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म पर संक्षिप्त और मारक अंबेडकर जयंती संदेश (Ambedkar Jayanti Messages) लिखे जाते हैं। यहाँ हैशटैग (Hashtags) का उपयोग करके संदेश को वायरल (Viral) किया जा सकता है। संदेश में बाबासाहेब की डिग्रियों और उनकी विद्वत्ता (Scholarship) का वर्णन युवाओं को उच्च शिक्षा (Higher Education) के लिए प्रेरित करता है। यह महत्वपूर्ण है कि संदेशों में किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग न हो और वे पूरी तरह गरिमामय (Dignified) हों।
ग्रुप मैसेज (Group Messages) में अक्सर उनके जीवन के प्रेरक प्रसंग (Inspiring Anecdotes) साझा किए जाते हैं। जैसे कि कैसे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। ऐसे संदेश पढ़कर लोग कठिन समय में धैर्य (Patience) रखना सीखते हैं। संदेशों के अंत में अक्सर 'सविस्तार' चर्चा के लिए निमंत्रण भी दिया जाता है। यह सूचनात्मक संदेश (Informative Messages) समाज को एक मंच पर लाने का कार्य करते हैं।
संदेशों का एक बड़ा हिस्सा उनके द्वारा शुरू किए गए समाचार पत्रों (Newspapers) और आंदोलनों की याद दिलाने वाला भी होता है। "मूकनायक की गूँज आज भी हमारे कानों में है" जैसे भावुक संदेश (Emotional Messages) उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाते हैं। संदेशों के माध्यम से समाज को यह बताने का प्रयास किया जाता है कि हमारा संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। ये संदेश एक वैचारिक क्रांति (Ideological Revolution) के बीज बोने का काम करते हैं जो समय के साथ फलदायी होते हैं।