बिहू मेला (Bihu Mela) असम के शहरों और गाँवों में लगने वाला वह बाजार और उत्सव है जहाँ पूरी संस्कृति एक जगह सिमट आती है। इन मेलों में स्थानीय कारीगर अपने हस्तशिल्प (Handicrafts), बांस के उत्पाद और रेशमी वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाते हैं। लोग यहाँ से अपनी जरूरत का सामान और बिहू के लिए विशेष सामग्री खरीदते हैं। बिहू मेला (Bihu Mela) न केवल मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को भी बहुत मजबूती प्रदान करता है।
मेलों के साथ-साथ 'बिहू सम्मलेन' (Bihu Sammelan) का आयोजन भी बड़े स्तर पर किया जाता है। यहाँ बने बड़े मंचों पर बिहू नृत्य, बिहू गीत और नाटक (Plays) प्रस्तुत किए जाते हैं। इन सम्मेलनों में सर्वश्रेष्ठ ढोल वादक और बिहू कुंवारी (Bihu Kunwari) की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। यह आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा (Talent) दिखाने का एक बहुत बड़ा मंच प्रदान करता है। लोग रात भर जागकर इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हैं।
बिहू मेला (Bihu Mela) में पारंपरिक खेलों (Traditional Games) का भी आयोजन किया जाता है, जैसे 'कौड़ी खेल', 'भेंता-भेंती' और भैंसों की लड़ाई। ये खेल ग्रामीण जीवन की बहादुरी और मनोरंजन को दर्शाते हैं। खान-पान के शौकीनों के लिए यहाँ विशेष स्टॉल लगाए जाते हैं जहाँ 'पीठा', 'लारू' और 'दौ-चिरों' (Curd and Flattened Rice) जैसे व्यंजन मिलते हैं। उत्सव का यह माहौल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबके चेहरे पर मुस्कान (Smile) ले आता है।
आधुनिक बिहू सम्मेलनों में अब प्रसिद्ध गायक और कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देते हैं, जिससे इस त्यौहार की पहुँच और भी बढ़ गई है। इन आयोजनों के माध्यम से असमिया भाषा और साहित्य (Literature) को बढ़ावा देने के लिए पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाती है। बिहू मेला (Bihu Mela) सामाजिक मेल-जोल का एक ऐसा स्थान है जहाँ लोग पुराने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के गले मिलते हैं। यह उत्सव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करता है।
पर्यटन (Tourism) की दृष्टि से भी बिहू मेला और सम्मलेन बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हें देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक असम पहुँचते हैं। यहाँ की रंगारंग छटा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों (Traditional Instruments) की धुन पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यह समय असम की असली पहचान और वहां के लोगों के मिलनसार स्वभाव को अनुभव करने का सबसे अच्छा समय है। बिहू मेला (Bihu Mela) वास्तव में असमिया जीवन का एक प्रतिबिंब (Mirror) है।