यदि आप वीजा धोखाधड़ी (Visa Fraud) के शिकार हो गए हैं, तो अपनी रकम वापस पाने का सबसे प्रभावी तरीका 'कंज्यूमर कोर्ट' (Consumer Court) में शिकायत करना है। यहाँ आप 'अनुचित व्यापार व्यवहार' (Unfair Trade Practice) के लिए केस कर सकते हैं और न केवल अपनी राशि बल्कि हर्जाने की भी मांग कर सकते हैं। इसके लिए आपके पास पैसों के लेनदेन का कोई भी लिखित प्रमाण (Written Proof) होना चाहिए, चाहे वह साधारण रसीद ही क्यों न हो। उपभोक्ता अदालतों की प्रक्रिया अन्य न्यायालयों की तुलना में अधिक सरल और त्वरित होती है।
सिविल न्यायालय (Civil Court) में 'वसूली का मुकदमा' (Suit for Recovery) दायर करना भी एक विकल्प है। यह कानूनी प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो सकती है, लेकिन यदि सबूत पक्के हों, तो न्यायालय एजेंट की संपत्ति बेचकर आपका पैसा दिलाने का आदेश दे सकता है। वकील (Lawyer) के माध्यम से एजेंट को एक औपचारिक 'लीगल नोटिस' (Legal Notice) भेजें, जिसमें पैसे लौटाने के लिए निश्चित समय दिया गया हो। कई बार कानूनी नोटिस मिलने के डर से ही एजेंट पैसे वापस कर देते हैं।
पुलिस शिकायत (Police Complaint) के दौरान 'समझौते' (Compromise) के माध्यम से भी पैसा वापस मिल सकता है। गिरफ्तारी के डर से कई बार आरोपी एजेंट थाने में ही पीड़ित की राशि लौटाने के लिए तैयार हो जाते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि समझौते की शर्तें लिखित (Written Agreement) होनी चाहिए और पुलिस के सामने होनी चाहिए। यदि एजेंट पैसा वापस करने का वादा कर मुकर जाता है, तो पुलिस उसकी जमानत रद्द करने की सिफारिश कर सकती है। यह दबाव (Pressure) पैसा वसूलने में कारगर साबित होता है।
यदि एजेंट पंजीकृत (Registered) है, तो 'प्रवासी संरक्षक' (POE) कार्यालय में दावा (Claim) प्रस्तुत करें। पीओई के पास यह अधिकार है कि वह एजेंट द्वारा जमा की गई 'सिक्योरिटी डिपॉजिट' से पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करे। इसके लिए आपको अपना आवेदन सभी सहायक दस्तावेजों (Supporting Documents) के साथ पीओई को देना होगा। सरकारी हस्तक्षेप (Government Intervention) से मिलने वाला यह रिफंड सबसे विश्वसनीय माना जाता है। विभाग ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाता है।
सोशल मीडिया (Social Media) पर कैंपेन चलाकर या स्थानीय मीडिया (Media) को जानकारी देकर भी एजेंट पर नैतिक दबाव बनाया जा सकता है। सामूहिक रूप से शिकायत (Group Complaint) करना और भी प्रभावी होता है क्योंकि इससे पुलिस और प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ता है। याद रखें कि हार न मानना और कानूनी लड़ाई जारी रखना ही आपकी सफलता की कुंजी है। धैर्य और सही कानूनी मार्गदर्शन (Legal Guidance) से आपकी खोई हुई मेहनत की कमाई वापस मिल सकती है।