पंचायत सचिव की चयन परीक्षा आमतौर पर वस्तुनिष्ठ (Objective Type) प्रश्नों पर आधारित होती है। इस परीक्षा के मुख्य पाठ्यक्रम में सामान्य ज्ञान (General Knowledge), हिंदी भाषा, गणित और ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) से जुड़े प्रश्न शामिल होते हैं। परीक्षा का स्तर अक्सर हाई स्कूल या इंटरमीडिएट स्तर का रखा जाता है ताकि सभी उम्मीदवार समान अवसर पा सकें।
ग्रामीण विकास (Rural Development) और पंचायती राज व्यवस्था (Panchayati Raj System) इस परीक्षा का सबसे विशिष्ट खंड है। इसमें 73वें संविधान संशोधन, ग्राम पंचायत की संरचना और विभिन्न ग्रामीण कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) से संबंधित गहन प्रश्न पूछे जाते हैं। इस विषय पर मजबूत पकड़ रखने वाले उम्मीदवारों के चयन की संभावना काफी बढ़ जाती है।
तार्किक क्षमता (Reasoning) और संख्यात्मक योग्यता (Numerical Ability) के माध्यम से अभ्यर्थी के मानसिक कौशल की जांच की जाती है। इसमें लाभ-हानि, औसत, समय और कार्य जैसे बुनियादी गणितीय विषयों के साथ-साथ कोडिंग-डिकोडिंग और रक्त संबंध जैसे तर्कशक्ति के प्रश्न शामिल होते हैं। यह खंड उम्मीदवार की समस्या समाधान क्षमता (Problem Solving Ability) को दर्शाता है।
सामान्य हिंदी (General Hindi) के अंतर्गत व्याकरण, मुहावरे, पर्यायवाची और अपठित गद्यांश से प्रश्न पूछे जाते हैं। चूंकि पंचायत सचिव का अधिकांश कागजी कार्य हिंदी में होता है, इसलिए भाषा पर पकड़ का परीक्षण अनिवार्य है। कुछ राज्यों में अंग्रेजी भाषा (English Language) के भी कुछ बुनियादी प्रश्न शामिल किए जा सकते हैं।
कंप्यूटर ज्ञान (Computer Literacy) से संबंधित एक अलग हिस्सा भी प्रश्न पत्र में हो सकता है। इसमें एमएस ऑफिस (MS Office), इंटरनेट, ईमेल और हार्डवेयर से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। परीक्षा की कुल समयावधि (Duration) और नकारात्मक अंकन (Negative Marking) के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को अपनी तैयारी की रणनीति बनानी चाहिए।