नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) के पद पर भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commission) के माध्यम से की जाती है। यह एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) का पद है जिसके लिए न्यूनतम योग्यता किसी भी विषय में स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया के अंतर्गत द्वि-स्तरीय परीक्षा होती है जिसमें प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) और मुख्य परीक्षा (Main Exam) शामिल हैं।
प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होती है जिसमें सामान्य अध्ययन (General Studies) और योग्यता परीक्षण के प्रश्न होते हैं। इसमें सफल होने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है जो वर्णनात्मक (Descriptive Type) होती है। मुख्य परीक्षा में सामान्य हिंदी, निबंध लेखन और सामान्य अध्ययन के विस्तृत विषयों पर उम्मीदवार की पकड़ को परखा जाता है।
लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद व्यक्तित्व परीक्षण या साक्षात्कार (Interview) का आयोजन किया जाता है। यहाँ उम्मीदवार की प्रशासनिक क्षमता (Administrative Ability), निर्णय लेने की शक्ति और राजस्व नियमों (Revenue Rules) की समझ की जांच की जाती है। साक्षात्कार बोर्ड अभ्यर्थी के व्यक्तित्व (Personality) और नेतृत्व गुणों का मूल्यांकन करता है जो एक मजिस्ट्रेट (Magistrate) की भूमिका के लिए आवश्यक हैं।
अंतिम चयन सूची (Final Selection List) मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को मिलाकर तैयार की जाती है। राज्य की आरक्षण नीति (Reservation Policy) का पालन करते हुए सफल उम्मीदवारों को रैंक के अनुसार पद आवंटित किए जाते हैं। चयन के पश्चात अभ्यर्थियों को राज्य राजस्व प्रशिक्षण संस्थान (Revenue Training Institute) में कठोर प्रशिक्षण (Rigorous Training) दिया जाता है।
प्रशिक्षण के दौरान राजस्व संहिता (Revenue Code), दीवानी प्रक्रिया (Civil Procedure) और भूमि सर्वेक्षण (Land Survey) का गहन ज्ञान दिया जाता है। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही उन्हें तहसील (Tehsil) में स्वतंत्र प्रभार सौंपा जाता है। यह पद न केवल उच्च प्रतिष्ठा (High Prestige) दिलाता है बल्कि ग्रामीण विकास में सीधे भागीदारी का अवसर भी प्रदान करता है।