जिलेदार (Ziledar) सिंचाई विभाग का एक महत्वपूर्ण राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) होता है जो मुख्य रूप से नहरों से होने वाली सिंचाई की वसूली और रिकॉर्ड का प्रबंधन करता है। उसका प्राथमिक कार्य सींचपालों (Sinchpals) के काम की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि पानी का वितरण (Water Distribution) न्यायसंगत तरीके से हो रहा है। वह किसानों की सिंचाई संबंधी शिकायतों का समाधान (Grievance Redressal) करने के लिए तहसील स्तर पर जिम्मेदार होता है।
सींचपाल (Sinchpal) या कैनाल गार्ड (Canal Guard) जमीनी स्तर पर कार्य करने वाला कर्मचारी है जो नहर की पटरियों की सुरक्षा और जल प्रवाह (Water Flow) की देखरेख करता है। वह प्रतिदिन नहरों का निरीक्षण (Inspection) करता है ताकि कहीं भी कटाव या पानी की चोरी (Water Theft) न हो सके। खेतों तक पहुँचने वाले पानी का लेखा-जोखा रखना और 'खसरा' (Khasra) व 'खतौनी' तैयार करना उसकी दैनिक जिम्मेदारी (Daily Responsibility) का हिस्सा है।
सिंचाई की दर (Irrigation Rates) के आधार पर कर या लगान की गणना करना इन अधिकारियों का प्रमुख प्रशासनिक कार्य है। वे पटवारी के साथ समन्वय (Coordination) करके सिंचित भूमि का सटीक विवरण तैयार करते हैं। फसल कटाई के समय वे यह सुनिश्चित करते हैं कि सरकारी राजस्व (Government Revenue) की वसूली समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके।
नहरों की सफाई (Desilting) और वार्षिक रखरखाव (Annual Maintenance) के समय ये कर्मचारी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वे श्रमिकों के साथ मिलकर नहरों से गाद निकालने और तटबंधों को मजबूत करने का कार्य करवाते हैं। मानसून (Monsoon) के दौरान जल स्तर की निगरानी करना और बाढ़ नियंत्रण (Flood Control) कक्ष को सूचना देना उनकी महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारी (Safety Responsibility) मानी जाती है।
किसानों को नई सिंचाई तकनीकों (Irrigation Techniques) और सरकारी योजनाओं (Government Schemes) के बारे में जागरूक करना भी इनके कार्यक्षेत्र में आता है। वे 'वारबंदी' (Warabandi) प्रणाली को लागू करवाते हैं जिससे प्रत्येक किसान को उसकी बारी के अनुसार पानी मिल सके। यह पद ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) और किसानों की खुशहाली को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।