सिंचाई विभाग के विभिन्न पदों का वेतन सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के पे-मैट्रिक्स (Pay Matrix) के आधार पर निर्धारित होता है। कनिष्ठ अभियंता (Junior Engineer) का पद आमतौर पर पे-लेवल 6 या 7 के अंतर्गत आता है, जिसका शुरुआती मूल वेतन (Basic Pay) ₹35,400 से ₹44,900 के बीच होता है। वहीं सींचपाल और अन्य श्रेणी-4 के कर्मचारियों का मूल वेतन लेवल-1 या 2 के अनुसार ₹18,000 से शुरू होता है।
मूल वेतन के साथ मिलने वाला महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) कर्मचारी की कुल आय को काफी बढ़ा देता है, जिसे सरकार समय-समय पर मुद्रास्फीति के अनुसार संशोधित करती है। इसके अतिरिक्त, आवास किराया भत्ता (House Rent Allowance - HRA) शहर की श्रेणी के आधार पर दिया जाता है। फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को अक्सर यात्रा भत्ता (Traveling Allowance - TA) भी प्रदान किया जाता है ताकि वे दूरदराज के क्षेत्रों का दौरा कर सकें।
विभागीय लाभों के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा (Medical Facilities) एक प्रमुख आकर्षण है, जिसमें कर्मचारी और उसके परिवार को सरकारी या पैनलबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिलती है। वर्दी (Uniform) और उसके रखरखाव के लिए वार्षिक रूप से विशेष भत्ता दिया जाता है। कुछ दुर्गम क्षेत्रों (Remote Areas) में तैनात कर्मचारियों को 'कठिन क्षेत्र भत्ता' (Hard Area Allowance) मिलने का भी प्रावधान होता है।
सामाजिक सुरक्षा (Social Security) के रूप में कर्मचारी का भविष्य निधि (Provident Fund - PF) और नई पेंशन योजना (NPS) में अंशदान जमा होता है। सेवानिवृत्ति (Retirement) के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी (Gratuity) और अन्य वित्तीय लाभ (Financial Benefits) भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाते हैं। दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहारों पर पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस (Bonus) भी प्रदान किया जाता है।
वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) के माध्यम से हर साल वेतन में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। पदोन्नति (Promotion) मिलने पर पे-ग्रेड (Pay Grade) में बदलाव होता है जिससे वेतन में बड़ी उछाल आती है। सिंचाई विभाग की नौकरी न केवल वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) प्रदान करती है बल्कि एक राजपत्रित या सम्मानित कर्मचारी के रूप में सामाजिक प्रतिष्ठा (Social Status) भी दिलाती है।