सरकारी विद्यालयों (Government Schools) में शिक्षक (Teacher) के रूप में करियर बनाने हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test - TET) उत्तीर्ण करना एक अनिवार्य विधिक आवश्यकता है। प्रत्येक राज्य अपना स्वयं का स्टेट टीईटी (State TET) आयोजित करता है, जो प्राथमिक (Primary) और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए अलग-अलग होता है। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थी की शिक्षण अभिरुचि (Teaching Aptitude) और बाल मनोविज्ञान (Child Psychology) की समझ को परखना है।
बीएड (B.Ed.) या डीएलएड (D.El.Ed.) जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Professional Courses) को पूरा करने के बाद ही अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठने के पात्र होते हैं। परीक्षा के दो प्रश्न पत्र होते हैं, जहाँ प्रथम प्रश्न पत्र कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए और द्वितीय प्रश्न पत्र कक्षा 6 से 8 तक के लिए निर्धारित है। विषय विशेषज्ञता (Subject Expertise) के साथ-साथ शिक्षण विधियों (Pedagogy) का ज्ञान सफलता की कुंजी है।
टीईटी परीक्षा में सफल होने के बाद अभ्यर्थी राज्य द्वारा निकाली जाने वाली शिक्षक भर्ती (Teacher Recruitment) की मुख्य परीक्षा या सुपर टीईटी के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम चयन हेतु अभ्यर्थी के शैक्षणिक गुणांक (Academic Weightage) और लिखित परीक्षा के अंकों को जोड़कर एक मेरिट सूची तैयार की जाती है। आरक्षण नियमों (Reservation Rules) का पालन करते हुए रिक्त पदों पर नियुक्तियां दी जाती हैं।
शिक्षक के पद पर मिलने वाली सामाजिक प्रतिष्ठा (Social Prestige) और कार्य संतुष्टि (Job Satisfaction) युवाओं को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित करती है। आकर्षक वेतनमान के साथ-साथ वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) और पदोन्नति के अवसर भी उपलब्ध हैं। शिक्षकों को समय-समय पर नवीन शिक्षण तकनीकों और डिजिटल लर्निंग (Digital Learning) के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
शिक्षा विभाग (Education Department) में नौकरी सुरक्षा (Job Security) और काम के निश्चित घंटों के कारण इसे महिलाओं के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। भविष्य में प्रधानाध्यापक (Headmaster) या खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) जैसे प्रशासनिक पदों पर पहुँचने की संभावनाएं हमेशा खुली रहती हैं। राष्ट्र निर्माण (Nation Building) में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है, इसलिए इस पद के चयन में उच्च मानकों का पालन किया जाता है।