भारतीय डाक विभाग (Department of Posts) में पोस्टल असिस्टेंट और सॉर्टिंग असिस्टेंट के पद पर भर्ती अब एसएससी (SSC) की परीक्षाओं के माध्यम से की जाती है। इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक (Graduation) निर्धारित है। चयनित उम्मीदवारों को डाकघरों (Post Offices) में काउंटर कार्यों, मेल प्रबंधन और बैंकिंग सेवाओं (Postal Banking) के संचालन की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।
कार्य प्रोफाइल (Job Profile) में डाक की छंटनी, पार्सल की बुकिंग और बचत योजनाओं (Saving Schemes) का डेटाबेस बनाए रखना शामिल है। पोस्टल असिस्टेंट को जनता के साथ सीधे व्यवहार (Public Dealing) करना पड़ता है, इसलिए उनका संचार कौशल (Communication Skill) अच्छा होना चाहिए। वर्तमान में 'इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक' (IPPB) के आने से इस पद की जिम्मेदारियां और भी तकनीकी (Technical) हो गई हैं।
वेतन संरचना (Salary Structure) के अनुसार यह पद पे-लेवल 4 (Pay Level 4) में आता है, जिसका मूल वेतन ₹25,500 से शुरू होता है। केंद्र सरकार के अन्य कर्मचारियों की तरह इन्हें भी बोनस और ग्रेच्युटी (Gratuity) के लाभ मिलते हैं। ग्रामीण डाक सेवा (GDS) के विपरीत, यह एक पूर्णकालिक सरकारी नौकरी है जिसमें स्थानांतरण (Transfer) की सुविधा भी उपलब्ध है।
विभागीय उन्नति (Career Advancement) के लिए विभाग समय-समय पर सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (LDCE) आयोजित करता है। एक पोस्टल असिस्टेंट अनुभव प्राप्त करने के बाद इंस्पेक्टर ऑफ पोस्ट (Inspector of Posts) और फिर सहायक अधीक्षक के पदों तक पदोन्नत हो सकता है। वरिष्ठता (Seniority) के आधार पर भी वेतन और रैंक में बढ़ोतरी होती रहती है।
डाक विभाग में कार्य करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यहाँ कार्य का दबाव संतुलित रहता है और पारिवारिक जीवन के लिए पर्याप्त समय मिलता है। महिला उम्मीदवारों के लिए यह एक बहुत ही सुरक्षित और स्थिर (Stable) करियर विकल्प माना जाता है। डिजिटल इंडिया (Digital India) अभियान के तहत डाक विभाग का आधुनिकीकरण होने से इस क्षेत्र में करियर की नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।