बौद्ध धर्म (Buddhism) में विभिन्न प्रतीक चिह्नों का गहरा दार्शनिक अर्थ है जो बुद्ध के जीवन की घटनाओं को दर्शाते हैं। धर्मचक्र (Dharmachakra) या विधि का पहिया सबसे प्रमुख प्रतीक है, जिसकी आठ तीलियां अष्टांगिक मार्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह निरंतर गतिशीलता (Dynamism) और धर्म के प्रसार का सूचक है। बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के दिन इस चक्र की पूजा करना नैतिकता के मार्ग पर चलते रहने की प्रेरणा देता है।
कमल का फूल (Lotus Flower) पवित्रता और अनासक्ति (Detachment) का सुंदर प्रतीक है। जिस प्रकार कमल कीचड़ में खिलकर भी उससे अछूता रहता है, उसी प्रकार मनुष्य को संसार में रहकर भी बुराइयों से अलिप्त रहना चाहिए। बोधि वृक्ष (Bodhi Tree) ज्ञान और बुद्धत्व की प्राप्ति का साक्षात प्रमाण है। बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) पर लोग पीपल के वृक्ष की जड़ों में दूध और जल चढ़ाते हैं और उसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं।
बुद्ध के पदचिह्न (Buddha's Footprints) इस बात का प्रतीक हैं कि बुद्ध ने धरातल पर चलकर शांति का मार्ग प्रशस्त किया। स्तूप (Stupas) बुद्ध के अवशेषों और महापरिनिर्वाण की स्मृति में बनाए गए हैं, जो ध्यान और वंदना के केंद्र हैं। इन प्रतीकों का उपयोग ध्यान (Meditation) की गहराई बढ़ाने और श्रद्धा को सुदृढ़ करने के लिए किया जाता है। ये चिह्न हमें बुद्ध की शारीरिक उपस्थिति के बिना भी उनकी शिक्षाओं से जोड़े रखते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) की शाम को दीपदान (Offering Lamps) करने की परंपरा का एक विशेष रहस्य है। भगवान बुद्ध ने अपने अंतिम समय में 'अप्प दीपो भव' (Appo Deepo Bhava) का संदेश दिया था, जिसका अर्थ है 'अपना दीपक स्वयं बनो'। जलता हुआ दीपक अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश (Light of Knowledge) का संचार करता है। यह क्रिया व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनने और अपने भीतर के चैतन्य को जागृत करने का आह्वान करती है।
मठों और घरों में जलाए गए हज़ारों दीपक विश्व शांति (World Peace) और एकता की प्रार्थना का प्रतीक हैं। यह माना जाता है कि दीपदान से संचित पापों का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रवाह बढ़ता है। बुद्ध का जन्म दिवस (Buddha's Birthday) हमें यह संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है कि हम भी अपने जीवन से दूसरों के पथ को आलोकित करेंगे। शांति, मैत्री और करुणा की यह ज्योति ही बुद्ध जयंती का वास्तविक उपहार है।